Garima Vishwakarma
27 Jan 2026
जब अचानक कोई सवाल सामने आ जाता है, तो कई बार हम घबरा जाते हैं। दिल की धड़कन तेज हो जाती है, दिमाग में उथल-पुथल मच जाती है और हम बिना सोचे-समझे जवाब दे देते हैं। बाद में लगता है काश थोड़ा रुककर जवाब दिया होता। ऐसे ही मौकों पर इमोशनल इंटेलिजेंस हमारी मदद करता है। अगर हम कुछ सेकंड का पॉज लें, अपनी भावनाओं को समझें और फिर शांति से जवाब दें, तो यही इमोशनल इंटेलिजेंस का सही इस्तेमाल होता है।
इमोशनल इंटेलिजेंस (Emotional Intelligence), जिसे EI या EQ भी कहा जाता है, अपनी और दूसरों की भावनाओं को समझने, संभालने और सही तरीके से इस्तेमाल करने की क्षमता है। इसका मतलब सिर्फ अपनी भावनाओं पर कंट्रोल करना नहीं है, बल्कि सामने वाले की भावनाओं को पहचानना, उन्हें समझना और उसी हिसाब से प्रतिक्रिया देना भी है।
कई एक्सपर्ट्स मानते हैं कि जिंदगी में सफल होने के लिए सिर्फ IQ काफी नहीं होता, EQ यानी इमोशनल इंटेलिजेंस भी उतना ही जरूरी है। रिश्ते हों, करियर हो या मुश्किल हालात हर जगह EQ हमारी राह आसान बनाता है।
हाल ही में एक मेंटल हेल्थ केयरिस्ट ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वो एक एक्ट्रेस से उनके भाई को लेकर सवाल पूछा जाता है। सवाल थोड़ा पर्सनल था। शहनाज तुरंत जवाब देने के बजाय पहले रुकती हैं, फिर सामने वाले से पूछती हैं, आपको क्या लगता है? इसके बाद वह बहुत ही शांत और सहज तरीके से अपनी बात रखती हैं। यह एक बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे मुश्किल सवालों में भी इमोशनल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जा सकता है।
जब हम कोई चुभता हुआ सवाल सुनते हैं, तो हमारा दिमाग तुरंत खुद को बचाने की कोशिश करता है। इस घबराहट में हम कई बार ऐसा बोल जाते हैं, जिसका बाद में पछतावा होता है।
इससे बेहतर तरीका है सवाल सुनने के बाद थोड़ा रुकना। आप सामने वाले से सवाल भी कर सकते हैं, जैसे आपने ऐसा क्यों पूछा? या आप इस बारे में क्या सोचते हैं? इससे आपको सोचने का समय मिलता है और आप संतुलित जवाब दे पाते हैं।