जामिया गर्ल्स हॉस्टल के खाने में निकले कीड़े और इल्लियां? आधी रात सड़क पर उतर गईं छात्राएं, प्रशासन के खिलाफ मोर्चा

नई दिल्ली। जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के जम्मू-कश्मीर गर्ल्स हॉस्टल से मेस के खाने को लेकर हैरान करने वाला मामला सामने आया है। हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने खाने की खराब गुणवत्ता का आरोप लगाते हुए देर रात जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। छात्राओं का कहना है कि मेस में परोसे जाने वाले खाने में कई बार कीड़े और इल्लियां मिली हैं। खाने को लेकर नाराजगी इतनी बढ़ गई कि बड़ी संख्या में छात्राएं आधी रात हॉस्टल से बाहर निकल आईं। इसके बाद उन्होंने यूनिवर्सिटी के सेंटेनरी गेट के पास बैठकर विरोध जताया और अपनी शिकायतों को प्रशासन के सामने रखा।
खाने में कीड़े मिलने का लगाया आरोप
प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने आरोप लगाया कि मेस में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता लंबे समय से खराब है। उनका कहना है कि कई बार खाने में कीड़े और इल्लियां दिखाई दी हैं। छात्राओं के मुताबिक, ऐसी स्थिति में खाना खाना उनके लिए मुश्किल हो गया है और उन्हें अपनी सेहत को लेकर डर बना रहता है। छात्राओं ने कहा कि वे हॉस्टल में रहने के लिए फीस देती हैं और बदले में उन्हें साफ-सुथरा और सुरक्षित भोजन मिलना चाहिए। उनका आरोप है कि खराब गुणवत्ता वाले भोजन की शिकायत किए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
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कई छात्राओं के बीमार होने का दावा
छात्राओं ने यह भी दावा किया कि खराब खाना खाने के बाद हॉस्टल में रहने वाली कुछ लड़कियों की तबीयत बिगड़ी है। कुछ छात्राओं को कथित तौर पर फूड पॉइजनिंग जैसी समस्या हुई, जिसके बाद उन्हें डॉक्टर के पास ले जाना पड़ा। प्रदर्शन कर रही छात्राओं का कहना था कि मामला केवल खाने के स्वाद या गुणवत्ता का नहीं है, बल्कि उनकी सेहत से जुड़ा हुआ है। उन्होंने प्रशासन से मेस की व्यवस्था की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
मेस स्टाफ के व्यवहार पर भी सवाल
छात्राओं की नाराजगी सिर्फ खाने तक सीमित नहीं रही। उन्होंने मेस कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर भी शिकायत की। छात्राओं का आरोप है कि जब वे खाने की गुणवत्ता को लेकर मेस के पुरुष कर्मचारियों से शिकायत करती थीं, तो उनके साथ सही तरीके से बात नहीं की जाती थी। कुछ छात्राओं ने कथित तौर पर बदसलूकी का आरोप भी लगाया। इसके बाद उन्होंने गर्ल्स हॉस्टल की मेस में पुरुष कर्मचारियों की मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए।
गर्ल्स हॉस्टल में पुरुष स्टाफ की एंट्री पर आपत्ति
छात्राओं ने हॉस्टल की सुरक्षा और निजी जगह को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की। उनका कहना था कि गर्ल्स हॉस्टल में पुरुष कर्मचारियों का बार-बार आना-जाना उन्हें असहज और असुरक्षित महसूस कराता है। छात्राओं ने मांग की कि मेस के अंदर केवल महिला कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी जाए। उनका कहना था कि इससे छात्राओं की प्राइवेसी और सुरक्षा दोनों बेहतर तरीके से सुनिश्चित हो सकेंगी।
प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने शुरू की बातचीत
छात्राओं का प्रदर्शन बढ़ने और मामला सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उनसे बातचीत करने का फैसला किया। वाइस चांसलर और रजिस्ट्रार के निर्देश पर अधिकारियों की एक टीम मौके पर पहुंची। शुरुआत में छात्राओं और अधिकारियों के बीच अपनी-अपनी बात को लेकर बहस भी हुई। हालांकि छात्राएं अपनी मांगों पर कायम रहीं और उन्होंने प्रशासन से लिखित आश्वासन की मांग की।
प्रशासन ने मांगें मानने का दिया लिखित आश्वासन
बातचीत के बाद प्रशासन ने छात्राओं की मुख्य मांगों को स्वीकार करने का भरोसा दिया। बताया गया कि मौजूदा मेस ठेकेदार का कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और आगे नए ठेकेदार को जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके साथ ही मेस में साफ-सफाई और खाने की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए एक कमेटी बनाने का आश्वासन दिया गया है। इस कमेटी में छात्राओं को भी शामिल करने की बात कही गई है। इसके अलावा गर्ल्स हॉस्टल की मेस में छात्राओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केवल महिला स्टाफ की तैनाती का भरोसा भी दिया गया।



















