तांत्रिक बताकर 9वीं के छात्र को स्कूल से निकाला,TC थमाने पर मचा बवाल

रायपुर: राजधानी रायपुर के सड्डू स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय में कक्षा 9वीं के 13 वर्षीय छात्र को कथित तौर पर ‘तांत्रिक क्रिया’ से जोड़कर स्कूल से बाहर किए जाने का मामला सामने आया है। परिजनों ने विद्यालय प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री शिकायत सेल में शिकायत दर्ज कराई थी। अब मामला छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग तक पहुंच गया है। उपलब्ध ताजा जानकारी के मुताबिक आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने मामले का संज्ञान लेते हुए छात्र की पढ़ाई जारी रखने और TC निरस्त करने के निर्देश दिए हैं।
3 सितंबर को हुआ था दाखिला
परिजनों के मुताबिक छात्र ने 3 सितंबर 2026 को प्रयास आवासीय विद्यालय में कक्षा 9वीं में प्रवेश लिया था। परिवार का आरोप है कि दाखिले के कुछ समय बाद ही छात्र को कथित तौर पर तंत्र क्रिया से जुड़े आरोपों से जोड़ दिया गया। इसके बाद उसे विद्यालय से बाहर कर ट्रांसफर सर्टिफिकेट दिए जाने की बात सामने आई।
ये भी पढ़ें: 160 करोड़ के अवॉर्ड पर हाईकोर्ट की दो टूक,अफसरों की जेब से नहीं होगी वसूली
बिना पूरी जानकारी कार्रवाई का आरोप
परिजनों का दावा है कि छात्र के खिलाफ कार्रवाई से पहले उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी नहीं दी गई। परिवार ने आरोप लगाया कि बच्चे को हॉस्टल से बाहर किया गया और बाद में TC दे दी गई। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
दस्तावेजों पर दबाव में हस्ताक्षर कराने का आरोप
शिकायत में परिवार की ओर से विद्यालय प्रबंधन पर कुछ दस्तावेजों पर दबाव बनाकर हस्ताक्षर कराने और धमकाने जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। संबंधित शिकायतों और विद्यालय के रिकॉर्ड की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
ये भी पढ़ें: भिलाई में पुतला दहन पर पुलिस से झूमाझटकी, जलते पुतले की चपेट में आरक्षक झुलसा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर FIR
स्कूल प्रबंधन ने बताई अलग वजह
मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार विद्यालय प्रबंधन की ओर से छात्र के व्यवहार को लेकर काउंसलिंग कराए जाने की बात कही गई है। हॉस्टल से जुड़े पक्ष का दावा है कि छात्र अंधेरे में बैठता था और कमरे में आकृतियां बनाता था, जिससे कुछ अन्य छात्र डर गए थे। हालांकि, छात्र को TC देने की कार्रवाई और उसके आधार को लेकर आधिकारिक जांच का निष्कर्ष अभी सामने आना बाकी है।
अब सबसे बड़ा सवाल—छात्र पर कार्रवाई का आधार क्या था?
मामले में अब जांच का मुख्य बिंदु यही रहेगा कि छात्र पर कथित ‘तंत्र क्रिया’ से जुड़े आरोप किस आधार पर लगाए गए और विद्यालय ने उसे TC देकर बाहर करने का फैसला किस प्रक्रिया के तहत लिया। परिजनों का पक्ष और विद्यालय प्रबंधन के दावे दोनों की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
ये भी पढ़ें: पत्नी से अवैध संबंध का शक बना हत्या की वजह, दुकानदार का गला दबाकर मर्डर, आरोपी हिरासत में
CM शिकायत सेल में भी पहुंचा मामला
परिजनों ने मामले को लेकर मुख्यमंत्री शिकायत सेल में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है। छत्तीसगढ़ सरकार का CM हेल्पलाइन सिस्टम नागरिक शिकायतों के पंजीकरण और उनके निराकरण की स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराता है।
‘तांत्रिक’ कहने पर क्या मानहानि का मामला बन सकता है?
किसी व्यक्ति के बारे में ऐसा आरोप या कथन, जो उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से या यह जानते हुए किया गया हो कि इससे उसकी प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है, परिस्थितियों के अनुसार भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 356 के तहत मानहानि के दायरे में आ सकता है। कानून में सत्य, सार्वजनिक हित और सद्भावना जैसी कुछ अपवाद स्थितियां भी हैं। BNS की धारा 356(2) में मानहानि के लिए दो वर्ष तक की साधारण कैद, जुर्माना, दोनों या सामुदायिक सेवा का प्रावधान है। इसलिए किसी विशेष मामले में कानूनी निष्कर्ष तथ्यों और जांच के आधार पर ही तय होगा।
ये भी पढ़ें: PM आवास पर बड़ा अपडेट: बिलासपुर में 16 हजार से ज्यादा आवेदन अपात्र, 30 सितंबर तक मौका
अब आगे क्या?
बाल आयोग के संज्ञान और छात्र की पढ़ाई बहाल करने के निर्देश के बाद अब निगाहें मामले की जांच और विद्यालय की ओर से आगे की कार्रवाई पर हैं। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि छात्र को TC जारी करने का प्रशासनिक आधार क्या था और आरोपों की जांच किस स्तर पर हुई थी।




















