सोहागपुर में UGC नियमों और आरक्षण व्यवस्था को लेकर सवर्ण समाज का प्रदर्शन, मशाल जुलूस निकालकर सौंपा ज्ञापन

सोहागपुर। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक गिरिजा शंकर शर्मा ने कहा कि यूजीसी के रूप में एक कानून सवर्ण समाज पर जबरन थोपा गया है और सरकार को आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। छात्रों की ओर से अनंत तिवारी ने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य और समान अवसरों से जुड़े मुद्दों को लेकर समाज की आवाज को मजबूती से सामने रखना आवश्यक है। धरना प्रदर्शन में एक दर्जन से अधिक वक्ताओं ने यूजीसी कानून, आरक्षण व्यवस्था, एससी-एसटी एक्ट में सुधार और आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण वर्ग के लिए सवर्ण आयोग के गठन की मांग रखी।
अनंत तिवारी ने विद्यार्थियों की बात रखी
छात्रों की ओर से अपनी बात रखते हुए अनंत तिवारी ने कहा कि आज उठाए जा रहे विरोध के स्वर आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। उन्होंने कहा, हमारी आने वाली पीढ़ी के विरोध के स्वर बहुत कामदार होंगे और हम निश्चित हैं कि हमें समानता का अधिकार मिलेगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य और समान अवसरों से जुड़े मुद्दों को लेकर समाज की आवाज को मजबूती से सामने रखना आवश्यक है।
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UGC कानून और एससी-एसटी एक्ट में सुधार की मांग
धरना प्रदर्शन में एक दर्जन से अधिक वक्ताओं ने यूजीसी कानून से सवर्ण विद्यार्थियों के कैरियर पर पड़ने वाले प्रभाव, आरक्षण व्यवस्था में सुधार, एससी-एसटी एक्ट में सुधार और आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण वर्ग की समस्याओं के निराकरण के लिए सवर्ण आयोग के गठन की मांग को लेकर अपने विचार रखे। एक वक्ता ने कहा कि यूजीसी कानून के माध्यम से जातिगत भेदभाव को बढ़ावा मिलने की आशंका है। वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक जीवन में विभिन्न वर्गों के बीच आपसी मेलजोल बढ़ा है और बदलते सामाजिक परिवेश में इस व्यवस्था की समीक्षा आवश्यक है।
वक्ताओं ने किया संबोधित
धरना प्रदर्शन को रघुवीर रघुवंशी, इकलेश पटेल, हेमंत पालीवाल, उमेश रघुवंशी, विक्रम रघुवंशी सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन उमेश रघुवंशी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन पंडित प्रकाश मुद्गल ने किया।



















