‘तंत्र क्रिया’ के आरोप में 9वीं के छात्र को थमाई TC, बाल आयोग ने लिया संज्ञान, 21 सितंबर को प्राचार्य-अधीक्षक तलब

रायपुर: प्रयास विद्यालय रायपुर में कक्षा 9वीं के छात्र को कथित तौर पर ‘तंत्र क्रिया’ में संलिप्त होने के आरोप के बाद टीसी देकर विद्यालय से बाहर किए जाने का मामला अब छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग तक पहुंच गया है। आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने मामले का संज्ञान लेते हुए छात्र की टीसी निरस्त करने और उसकी पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रखने के निर्देश दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए 21 सितंबर 2026 को प्राचार्य और अधीक्षक को आयोग की आपातकालीन खंडपीठ के समक्ष तलब किया गया है।
छात्र को टीसी देने पर उठे सवाल
प्राप्त आवेदन के अनुसार, प्रयास विद्यालय रायपुर में अध्ययनरत कक्षा 9वीं के छात्र के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे विद्यालय से बाहर कर टीसी जारी कर दी गई। पालक की ओर से आरोप लगाया गया है कि छात्र को कथित रूप से ‘तंत्र क्रिया’ में संलिप्त होने के आरोप के चलते कार्रवाई का सामना करना पड़ा।
ये भी पढ़ें: पत्रकारों से बदसलूकी पड़ी भारी,प्रभारी प्राचार्या पद से हटाई गईं,शराबी शिक्षक पर निलंबन की तलवार
‘तंत्र क्रिया’ के आरोप की पुष्टि नहीं
मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक छात्र के तंत्र क्रिया में संलिप्त होने संबंधी आरोप की कोई पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद छात्र को कक्षा से बाहर कर टीसी जारी किए जाने का आरोप है। पालक ने विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच और उचित कार्रवाई की मांग बाल आयोग से की।
बाल आयोग ने लिया मामले का संज्ञान
आवेदन का अवलोकन करने के बाद छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने मामले को गंभीरता से लिया। आयोग ने बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 की धारा 13(1)(ज) एवं धारा 14 के तहत प्रकरण का संज्ञान लिया है।
ये भी पढ़ें: तांत्रिक बताकर 9वीं के छात्र को स्कूल से निकाला,TC थमाने पर मचा बवाल
सहायक आयुक्त से मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट
आयोग ने सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास रायपुर को मामले की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं। जांच के बाद तथ्यात्मक और लिखित प्रतिवेदन आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा गया है, ताकि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
टीसी निरस्त करने के निर्देश
मामले को लेकर आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास से दूरभाष पर चर्चा भी की। आयोग की ओर से छात्र की टीसी निरस्त करने तथा उसकी पढ़ाई दोबारा जारी रखने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
ये भी पढ़ें: 160 करोड़ के अवॉर्ड पर हाईकोर्ट की दो टूक,अफसरों की जेब से नहीं होगी वसूली
‘पढ़ाई प्रभावित न हो’—बाल आयोग का फोकस
आयोग ने स्पष्ट किया है कि मामले के अंतिम निराकरण तक छात्र के शैक्षणिक हितों को प्राथमिकता दी जाए। छात्र की शिक्षा किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए और उसकी पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
21 सितंबर को प्राचार्य-अधीक्षक होंगे तलब
मामले की जांच के लिए प्रयास विद्यालय रायपुर के प्राचार्य एवं अधीक्षक को 21 सितंबर 2026 को दोपहर 2 बजे आयोग कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। दोनों अधिकारियों को संबंधित दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष आयोग के समक्ष प्रस्तुत करना होगा।
ये भी पढ़ें: भिलाई में पुतला दहन पर पुलिस से झूमाझटकी, जलते पुतले की चपेट में आरक्षक झुलसा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर FIR
अब जांच में सामने आएगी पूरी सच्चाई
छात्र को टीसी देने की परिस्थितियां क्या थीं, विद्यालय स्तर पर किस आधार पर कार्रवाई की गई और पालक को कितनी जानकारी दी गई—इन बिंदुओं पर जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल बाल आयोग ने छात्र की शिक्षा प्रभावित नहीं होने देने और मामले की तथ्यात्मक जांच के निर्देश दिए हैं।




















