Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

कूनो में इलाज के दौरान नामीबियाई चीता गौरव की मौत, 10 दिन पहले जंगल में सुस्त हालत में मिला था

कूनो राष्ट्रीय उद्यान में नामीबिया से लाए गए 10 साल से अधिक उम्र के चीता गौरव की सोमवार शाम उपचार के दौरान मौत हो गई। गौरव 12 सितंबर को कमजोर और सुस्त हालत में मिला था। रेस्क्यू के बाद करीब नौ दिन तक उसका उपचार और निगरानी की गई, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ।
कूनो में इलाज के दौरान नामीबियाई चीता गौरव की मौत, 10 दिन पहले जंगल में सुस्त हालत में मिला था
फाइल फोटो

श्योपुर। कूनो राष्ट्रीय उद्यान में नामीबिया से लाए गए चीतों में शामिल 10 वर्ष से अधिक आयु के चीता गौरव की सोमवार शाम उपचार के दौरान मौत हो गई। वन विभाग के अनुसार गौरव 12 सितंबर को कूनो के जंगल में कमजोर और सुस्त हालत में पाया गया था। उसकी स्थिति सामान्य नहीं होने पर वन विभाग की टीम ने उसे रेस्क्यू कर तत्काल उपचार शुरू किया था। करीब नौ दिन तक उपचार और निगरानी के बाद भी उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका और सोमवार शाम करीब 4 बजे उसने दम तोड़ दिया।

जांच में मांसपेशियों का क्षय और निर्जलीकरण मिला 

कूनो राष्ट्रीय उद्यान प्रबंधन के अनुसार 12 सितंबर को गश्ती और निगरानी के दौरान गौरव की स्थिति कमजोर पाई गई थी। उसे जंगल से रेस्क्यू कर चिकित्सकीय जांच कराई गई। उसके शरीर में मांसपेशियों का स्पष्ट क्षय होने के साथ ही गंभीर निर्जलीकरण के लक्षण भी मिले थे। इसके बाद उसे तत्काल समग्र और सहायक उपचार उपलब्ध कराया गया। गौरव को उपचार एवं बेहतर निगरानी के लिए पालपुर लाया गया। यहां उसे क्वारंटीन बोमा (क्यूबी) में रखकर वन विभाग और विशेषज्ञों की निगरानी में लगातार उपचार किया जा रहा था।

Featured News

इलाज के बावजूद बिगड़ती गई हालत 

आरंभिक चिकित्सकीय परीक्षणों के आधार पर गौरव को किसी अंतर्निहित दीर्घकालिक बीमारी की आशंका व्यक्त की गई थी। हालांकि बीमारी का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। उपचार के दौरान उसे आवश्यक दवाएं और सहायक देखभाल दी गई, लेकिन उसकी हालत धीरे-धीरे बिगड़ती गई। सोमवार शाम करीब 4 बजे उपचार के दौरान गौरव की मौत हो गई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आएगा मौत का कारण 

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभी उसकी मौत का सटीक कारण बताना संभव नहीं है। पोस्टमार्टम परीक्षण और लिए गए नमूनों की जांच के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद इस संबंध में विस्तृत जानकारी जारी की जाएगी। फिलहाल वन विभाग पोस्टमार्टम और नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।

ये भी पढ़ें: हाईकोर्ट ने वापस लिए IAS विवेक पोरवाल और संदीप जीआर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट

कूनो में अब 51 चीते 

गौरव की मौत के बाद कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों की संख्या घटकर 51 रह गई है। इनमें 36 भारतीय मूल के चीते शामिल हैं। वर्तमान में इनमें से 16 चीते जंगल में स्वतंत्र रूप से विचरण कर रहे हैं, जबकि अन्य चीतों की निगरानी और प्रबंधन निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत किया जा रहा है। वहीं, गांधी सागर अभयारण्य में मौजूद चार चीतों को शामिल करने पर भारत में चीतों की कुल संख्या अब 55 हो गई है। गौरव की मौत के बाद अब पोस्टमार्टम और नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे उसकी मौत की वास्तविक वजह सामने आएगी। 

ये भी पढ़ें: समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश की थीम पर मनाया जाए मध्यप्रदेश का स्थापना दिवस; एक नवंबर को संगीतमय कार्यक्रम, जिलों में भी होंगे आयोजन

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

Latest Posts