समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश की थीम पर मनाया जाए मध्यप्रदेश का स्थापना दिवस; एक नवंबर को संगीतमय कार्यक्रम, जिलों में भी होंगे आयोजन

भोपाल। मप्र में वर्ष 2026 को ‘समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश’ की थीम पर किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में एक नवंबर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस का आयोजन कृषि विकास और किसान कल्याण पर केंद्रित रहेगा। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्थापना दिवस समारोह के लिए आयोजित बैठक में कही। स्थापना दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ जिलों में भी उत्साह और उल्लास के साथ आयोजन किए जाएंगे।
उन्नत कृषि और नवाचार की लगेंगी प्रदर्शनियां
स्थापना दिवस समारोह में उन्नत कृषि, प्राकृतिक खेती और कृषि क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों पर विशेष प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी। कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय नवाचार करने वाले किसानों, उद्यमियों और युवाओं को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की प्रतिभाओं को अपनी कला, योग्यता और क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर भी दिया जाए।
लाल परेड ग्राउंड में होगा राज्य स्तरीय समारोह
मध्यप्रदेश का 71वां स्थापना दिवस समारोह राज्य स्तर पर लाल परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। यहां विकसित मध्यप्रदेश-2047, एक जिला-एक उत्पाद, मध्यप्रदेश के जननायक, पारंपरिक कलाओं, मंदिर स्थापत्य, भारत की ऋषि परंपरा और विरासत से विकास सहित कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों पर प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। देशज व्यंजनों का मेला भी समारोह का प्रमुख आकर्षण रहेगा।
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सुगम संगीत के साथ होगी आकर्षक आतिशबाजी
एक नवंबर की शाम भव्य स्तर पर सुगम संगीत का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें देश के प्रतिष्ठित कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। कार्यक्रम के दौरान आकर्षक आतिशबाजी भी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्थापना दिवस समारोह को प्रदेश के उत्सव के रूप में मनाते हुए इसमें अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
जिलों में उपलब्धियों और उत्पादों का होगा प्रदर्शन
जिला मुख्यालयों पर सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ जिलों के उत्कृष्ट कार्यों और स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, उद्योगपतियों, व्यवसायियों, धर्मगुरुओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, स्वतंत्रता सेनानियों, लोकतंत्र सेनानियों और शहीद सैनिकों के परिजनों को आमंत्रित किया जाएगा। बैठक में राज्य स्तरीय समारोह की बैठक व्यवस्था, यातायात और सुरक्षा को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने यह निर्देश मंत्रालय में हुई बैठक में दिए।
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