Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

हाईकोर्ट ने वापस लिए IAS विवेक पोरवाल और संदीप जीआर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट

मप्र हाईकोर्ट ने आईएएस अधिकारी विवेक पोरवाल और संदीप जीआर के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट वापस ले लिए हैं। सागर की सेक्शन ऑफिसर शीला सेन की नियमितीकरण याचिका पर पूर्व आदेश का पालन होने के बाद कोर्ट ने यह राहत दी। अदालत ने कहा कि 30 दिन में एरियर्स का भुगतान नहीं होने पर महिला दोबारा अवमानना मामले की सुनवाई शुरू कराने आवेदन दे सकती है।
हाईकोर्ट ने वापस लिए IAS विवेक पोरवाल और संदीप जीआर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट
फाइल फोटो

जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने राज्य के दो आईएएस अधिकारी विवेक पोरवाल और संदीप जीआर के खिलाफ जारी किया गया गिरफ्तारी वारंट वापस ले लिया है। जस्टिस विवेक जैन की सिंगल बेंच ने पूर्व में पारित आदेश का पालन होने के चलते यह आदेश दिया। हालांकि बेंच ने यह जरूर कहा कि 30 दिनों में यदि याचिकाकर्ता महिला को एरियर्स का भुगतान नहीं होता, तो वो इस अवमानना मामले की सुनवाई दोबारा शुरू कराने आवेदन देने स्वतंत्र रहेगी।

महिला सेक्शन ऑफिसर ने लगाई  थी याचिका

अवमानना का यह मामला सागर के कलेक्टर कार्यालय में सेक्शन ऑफिसर के रूप में कार्यरत शीला सेन की ओर से दाखिल किया गया था। दरअसल, महिला ने अपने नियमितीकरण को लेकर हाईकोर्ट में एक यािचका दायर की थी। हाईकोर्ट ने 19 मार्च 2025 को यािचकाकर्ता के दावे का 90 दिनों में निराकरण करने के आदेश राज्य सरकार और सागर कलेक्टर को िदए थे। इस समयसीमा के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर यह यािचका दािखल की गई थी। आदेश का पालन न होने और अनावेदकों की गैरहाजिरी को गंभीरता से लेते हुए अदालत ने तत्कालीन प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल और सागर के तत्कालीन कलेक्टर संदीप जीआर के खिलाफ 10 सितंबर को गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे।

ये भी पढ़ें: फर्जी जाति प्रमाणपत्रों से नौकरी करने वालों पर करो कार्रवाई,जनहित याचिका पर मप्र हाईकोर्ट ने दिए राज्य सरकार को आदेश

याचिकाकर्ता को नियमतिकरण का लाभ  दिया

मामले में हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विद्या प्रसाद और राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता लाल अच्युतेन्द्र सिंह बघेल हाजिर हुए। सिंह ने अदालत को बताया कि पूर्व में पारित आदेश का पालन करके याचिकाकर्ता को 15 सितंबर 2016 से नियमितीकरण का लाभ दिया गया है। वेतनमान के ​एरियर्स की राशि का भुगतान अगले 15 दिनों में कर दिया जाएगा। इस बारे में ​पेश किए गए दस्तावेजों पर गौर करने के बाद अदालत ने गिरफ्तारी वारंट वापस ले लिए।

ये भी पढ़ें: दो माह में दस मौतें...टाइगरों के वैक्सीनेशन की क्या है स्थिति? मप्र हाईकोर्ट ने केन्द्र सरकार से मांगी स्टेटस रिपोर्ट

Sanjay Tiwari
By Sanjay Tiwari

Latest Posts