झारखंड आज बंद:छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में BJP का ऐलान, रांची में हाई अलर्ट; 3000 जवान तैनात

झारखंड में आज बंद का असर देखने को मिल सकता है। JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर सोमवार को हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में BJP ने राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। पार्टी ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर विरोध जताया है। बंद के दौरान प्रदेश में कई जगहों पर प्रदर्शन और सड़क जाम जैसी स्थिति बनने की आशंका है।
राजधानी रांची में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। संवेदनशील इलाकों, प्रमुख चौराहों, प्रदर्शन स्थलों और विधानसभा के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है। प्रशासन की कोशिश है कि बंद के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे और आम लोगों को ज्यादा परेशानी न हो।
विधानसभा के आसपास सुरक्षा बढ़ी
सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान हुए हंगामे के बाद रांची पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी है। जयपाल सिंह स्टेडियम और विधानसभा भवन के बीच के इलाके पर खास नजर रखी जा रही है। पुलिस को आशंका है कि बंद के दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर सकते हैं। ऐसे में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया है। प्रमुख चौक-चौराहों, संवेदनशील क्षेत्रों और प्रदर्शन वाले स्थानों पर वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। पुलिसकर्मियों को अपने-अपने इलाकों में लगातार गश्त करने और स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
करीब 3000 जवानों की तैनाती, ड्रोन से भी निगरानी
बंद को देखते हुए पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। रांची समेत कई संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक करीब 3000 जवानों की तैनाती की तैयारी की गई है। पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति की समीक्षा करेंगे। संवेदनशील इलाकों पर कंट्रोल रूम से नजर रखी जाएगी। जरूरत पड़ने पर ड्रोन के जरिए भीड़ और गतिविधियों की निगरानी की जाएगी।
ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पर भी पुलिस की नजर
बंद के दौरान सबसे बड़ी चुनौती यातायात व्यवस्था को लेकर हो सकती है। पुलिस ने कोशिश की है कि जरूरी सेवाओं और सामान्य यातायात को पूरी तरह बाधित न होने दिया जाए। प्रमुख सड़कों और चौराहों पर पुलिस बल तैनात रहेगा। अगर कहीं भीड़ जमा होती है या सड़क रोकने की कोशिश होती है तो पुलिस मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालेगी। आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और बिना जरूरत संवेदनशील इलाकों में जाने से बचें।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग कर रहे हैं। छात्रों की प्रमुख मांगों में JSSC-CGL परीक्षा को लेकर सवालों की जांच और कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच शामिल है। प्रदर्शनकारी इस मामले में CBI जांच की मांग भी कर रहे हैं।
रांची में कई दिनों से चल रहे आंदोलन के बीच छात्रों ने सोमवार को विधानसभा घेराव का ऐलान किया था। बड़ी संख्या में छात्र जयपाल सिंह स्टेडियम के आसपास जमा हुए और विधानसभा की ओर मार्च करने लगे। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की थी। जब भीड़ आगे बढ़ने लगी तो पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया।
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बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश के बाद बढ़ा तनाव
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव उस समय बढ़ा जब प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार करके आगे बढ़ने लगे। रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद स्थिति बिगड़ने पर आंसू गैस छोड़ी गई और लाठीचार्ज किया गया। घटना के दौरान कई प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर सामने आई है। कुछ रिपोर्टों में पुलिसकर्मियों के घायल होने की संख्या 14 बताई गई है। मामले की जांच के लिए CCTV फुटेज की समीक्षा किए जाने की भी बात सामने आई है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने उनके खिलाफ जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल किया। वहीं प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था और भीड़ को नियंत्रित करने की कार्रवाई की बात कही जा रही है।
देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती
इस पूरे आंदोलन के बीच छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ने का मामला भी सामने आया है। महतो पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल पर थे। सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस से रांची के सदर अस्पताल ले जाया गया। रिपोर्टों के अनुसार, सांस लेने में परेशानी के बाद उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान महतो के साथ भी मारपीट और लाठीचार्ज हुआ। हालांकि इस संबंध में सामने आए दावे और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। महतो की तबीयत बिगड़ने के बाद आंदोलन को लेकर तनाव और बढ़ गया। उनके समर्थकों और प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
18 दिनों से जारी है छात्रों का आंदोलन
JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर रांची में छात्रों का आंदोलन कई दिनों से जारी है। छात्र लगातार अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को सुबह से ही बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा मार्च के लिए जुटने लगे थे। दिनभर प्रदर्शन चलता रहा। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
स्वास्थ्य मंत्री भी अस्पताल पहुंचे
देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ने की खबर के बाद देर रात झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने महतो का हालचाल जाना और डॉक्टरों से उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली।
BJP ने बंद कोब नाया बड़ा राजनीतिक मुद्दा
पुलिस कार्रवाई के बाद BJP ने पूरे झारखंड में बंद का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में यह बंद बुलाया गया है। BJP नेताओं ने छात्रों की मांगों और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच का मुद्दा भी उठाया है।
प्रशासन की साफ चेतावनी
पुलिस प्रशासन ने बंद के दौरान शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने पर आपत्ति नहीं है, लेकिन हिंसा, तोड़फोड़, जबरन सड़क रोकने या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।











