JPSC धांधली मामले में ED की एंट्री! ECIR दर्ज होते ही शुरू हुई पैसों के लेन-देन की जांच

रांची। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। JPSC की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा समेत अन्य परीक्षाओं में गड़बड़ी की जांच में ED की एंट्री हुई है। ED ने CID में दर्ज FIR के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी जांच शुरू की है। एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि परीक्षा में कथित गड़बड़ी के पीछे पैसों का कोई खेल था या नहीं। इस बीच छात्र संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर रांची में विधानसभा मार्च का ऐलान किया है। सरकार और छात्रों के बीच तीन दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही है।
JPSC केस में ED की एंट्री
झारखंड में JPSC की 14वीं PT और दूसरी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी का मामला अब आर्थिक जांच के दायरे में आ गया है। ED ने CID की FIR संख्या 16/26 के आधार पर ECIR दर्ज की है। इसके साथ ही मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच शुरू हो गई है।
अब पैसों के लेन-देन पर होगी नजर
ED की जांच का मुख्य फोकस कथित गड़बड़ी से जुड़े पैसों के लेन-देन पर रहेगा। एजेंसी यह पता करेगी कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी तरह का अवैध भुगतान हुआ था या नहीं। अगर पैसों के लेन-देन के सबूत मिलते हैं तो उनके स्रोत और उससे जुड़े लोगों की भी जानकारी जुटाई जाएगी।
ये भी पढ़ें: संसद में आज बड़ा फैसला संभव! 4 अहम बिल होंगे पेश, एक राज्य के नाम में बदलाव का प्रस्ताव भी शामिल
पांच सदस्यीय टीम रांची पहुंची
मामले की जांच के लिए ED की रांची यूनिट ने पांच सदस्यीय टीम भेजी है। इसमें एक असिस्टेंट डायरेक्टर और चार इंस्पेक्टर शामिल हैं। टीम मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर सकती है। जरूरत पड़ने पर संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की जा सकती है। जांच आगे बढ़ने के साथ आर्थिक लेन-देन से जुड़े दूसरे पहलू भी सामने आ सकते हैं।
सरकार के आश्वासन से पहले ही बड़ा कदम
ED की कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब सरकार और छात्रों के बीच परीक्षा विवाद को लेकर बातचीत चल रही थी। सरकार ने बातचीत के दौरान कहा था कि फिलहाल CID मामले की जांच कर रही है। सरकार की ओर से यह भी कहा गया था कि यदि जांच में वित्तीय गड़बड़ी सामने आती है तो ED से जांच कराने का अनुरोध किया जा सकता है। लेकिन इससे पहले ही ED ने अपनी जांच शुरू कर दी।
अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी
JPSC की 14वीं PT परीक्षा में गड़बड़ी के मामले में अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है। इस केस की जांच फिलहाल CID कर रही है। ED की एंट्री के बाद अब जांच का आर्थिक पक्ष भी सामने आ गया है। एजेंसी यह देखेगी कि कथित परीक्षा गड़बड़ी के पीछे किसी तरह की वित्तीय साजिश थी या नहीं।
छात्रों का आंदोलन भी पहुंचा निर्णायक दौर में
दूसरी तरफ भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीन दौर की बातचीत हुई लेकिन कई अहम मांगों पर सहमति नहीं बन सकी। छात्रों की मांगों में संदिग्ध परीक्षाओं को रद्द करना, जांच कराना और भर्ती प्रक्रिया में सुधार जैसे मुद्दे शामिल हैं।
विधानसभा मार्च के लिए रांची पहुंचे हजारों छात्र
सोमवार को छात्र विधानसभा की ओर मार्च करने की तैयारी में हैं। राज्य के अलग अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रांची पहुंचे हैं। कई छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम और आसपास के इलाकों में रात बिताई। सुबह होते ही प्रदर्शन में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या बढ़ने लगी। प्रशासन ने मार्च को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत कर दी है।
CBI जांच और JSSC CGL पर भी विवाद
छात्र JPSC और JSSC से जुड़ी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की CBI जांच की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग भी उठ रही है। सरकार का कहना है कि CGL परीक्षा अदालत की निगरानी में हुई है और इसे रद्द करने का अधिकार उसके पास नहीं है। CBI जांच को लेकर भी सरकार और छात्रों के बीच सहमति नहीं बन पाई है।
ये भी पढ़ें: अमेरिका में गर्लफ्रेंड की हत्या का आरोप, भारत भाग रहा था छात्र; जर्मनी में फ्लाइट से उतरते ही गिरफ्तार
JSSC मामले में भी बढ़ सकती है जांच
ED से जुड़े सूत्रों के मुताबिक JSSC CGL परीक्षा से जुड़े मामले को भी जांच के दायरे में लाया जा सकता है। इसके लिए अलग ECIR दर्ज होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवाद की जांच और आगे बढ़ सकती है।











