संसाधनों के अभाव में सोहागपुर की सफाई व्यवस्था प्रभावित, खराब वाहनों से डोर-टू-डोर कचरा उठान ठप

सोहागपुर। कचरा संग्रहण के लिए उपयोग किए जाने वाले नगर परिषद के कई मैजिक वाहन खराब पड़े हैं, जिसके चलते डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण भी प्रभावित हो रहा है। कचरा संग्रहण का कार्य करने वाली कंपनी के पास नगर परिषद के पांच स्वच्छता वाहन ही चालू अवस्था में हैं। सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से कई स्थानों पर नालियां कचरे से पटी हैं और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं। नागरिकों ने नगर परिषद अध्यक्ष लता यशवंत पटेल एवं सीएमओ धर्मेंद्र शर्मा से सफाई व्यवस्था तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की है।
संसाधनों के अभाव में सफाई व्यवस्था प्रभावित
जानकारी के अनुसार कचरा संग्रहण का कार्य करने वाली कंपनी के पास नगर परिषद के पांच स्वच्छता वाहन ही चालू अवस्था में हैं। इसके अतिरिक्त नगर परिषद के अधिकांश मैजिक वाहन खराब होने के कारण उपयोग में नहीं आ पा रहे हैं। ऐसे में सीमित संसाधनों के बीच नगर की सफाई व्यवस्था संचालित होने से इसका सीधा असर वार्डों की सफाई पर पड़ रहा है।
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नालियां कचरे से पटी, मच्छरों का बढ़ा प्रकोप
सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के कारण कई स्थानों पर नालियां कचरे से पटी हुई हैं। जगह-जगह कचरा जमा होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। इससे मलेरिया, टाइफाइड सहित अन्य बीमारियों का खतरा बना हुआ है। कई स्थानों पर नागरिक स्वयं अपने घरों के सामने झाड़ू लगाने तथा नालियों से कचरा निकालने को मजबूर हैं।
झाड़ू और सफाई संसाधनों की भी कमी
सफाई कर्मचारियों के अनुसार नालियों की सफाई के लिए आवश्यक पंजर उपलब्ध नहीं हैं, वहीं सड़कों की सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाली मुट्ठा वाली झाड़ू की भी कमी है। नागरिकों ने नगर परिषद अध्यक्ष लता यशवंत पटेल एवं सीएमओ धर्मेंद्र शर्मा से सफाई व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की है। साथ ही सफाई कार्य की प्रभावी निगरानी के लिए सफाई दरोगा एवं वार्ड प्रभारियों की टीम को नियमित रूप से मैदान में उतारकर निरीक्षण कराने की मांग की गई है। संसाधनों की कमी के कारण सफाई व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
मास्क-ग्लव्स को लेकर भी उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार सेवा संकल्प अभियान के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं कर्मचारियों द्वारा मास्क व दस्ताने पहनकर नदी किनारे सफाई किए जाने को लेकर एक कांग्रेस पार्षद द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद स्वच्छता कर्मियों को मास्क एवं ग्लव्स वितरित किए गए। सफाई कर्मचारियों के लिए सुरक्षा उपकरणों की नियमित उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। वहीं गणेश उत्सव के दौरान भी बिजली कटौती और सफाई व्यवस्था को लेकर गणेश समितियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उत्सव से पूर्व आयोजित शांति समिति की बैठक में विद्युत विभाग द्वारा सुचारू बिजली व्यवस्था तथा नगर परिषद द्वारा बेहतर सफाई व्यवस्था का भरोसा दिलाया गया था, हालांकि गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक कई स्थानों पर दोनों व्यवस्थाओं को लेकर शिकायतें सामने आईं।
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गणेश पंडालों के आसपास गंदगी
गणेश पंडालों के आसपास भी कई स्थानों पर गंदगी नजर आई और सफाई व्यवस्था ठीक नहीं होने पर कुछ पंडाल समितियों के युवाओं को स्वयं सफाई के लिए मैदान में उतरना पड़ा। समितियों का कहना है कि आगामी नवरात्र उत्सव को देखते हुए अभी से सफाई और बिजली व्यवस्था को लेकर ठोस तैयारी की आवश्यकता है। विद्युत व्यवस्था को लेकर जेई शहर विजय कुमार धुर्वे के अनुसार गणेश उत्सव के दौरान कुछ बच्चों एवं युवाओं द्वारा पतंग उड़ाए जाने के दौरान मांझा विद्युत लाइनों में उलझने से लाइन शॉर्ट होने की स्थिति बनी, जिसके चलते विद्युत आपूर्ति बाधित हुई। यह समस्या विशेष रूप से रामगंज, किलापुरा एवं अंबेडकर वार्ड में सामने आने की बात उन्होंने कही और बताया कि विभाग की ओर से विद्युत आपूर्ति सुचारू रखने के लिए प्रयास किए गए। इस संबंध में एसआई, नगर परिषद सोहागपुर संजय दुबे ने कहा, संसाधनों के अभाव के कारण नगर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। जैसे ही कर्मचारियों को संसाधन प्राप्त होंगे, वैसे ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी।




















