अधारताल कबाड़खाना ब्लास्ट मामले में मो. शमीम खान को हाईकोर्ट से राहत, कहा- मामला नहीं चलाया जा सकता

जबलपुर। हाईकोर्ट ने माना कि नागपुर में रहने वाले मो. शमीम खान का परिसर से कोई लेना देना नहीं है, इसलिए उनके खिलाफ मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। 25 अप्रैल 2024 को रजा मेटल इंडस्ट्रीज नामक स्क्रैप यार्ड में हुए विस्फोट में दो लोगों की मौत और दो अन्य के घायल होने का मामला सामने आया था।
रजा मेटल इंडस्ट्रीज में हुआ था भीषण विस्फोट
याचिका में कहा गया था कि मो. शमीम खान के बेटे मो. फहीम द्वारा खजरी-खिरिया में संचालित रजा मेटल इंडस्ट्रीज नामक स्क्रैप यार्ड में 25 अप्रैल 2024 को एक भीषण विस्फोट हुआ था। इस हादसे में भोला राम भूमिया और मो. खलील की मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए थे।.
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स्क्रैप में मिला था डिमोलिश किया गया गोला-बारूद
पुलिस जांच में सामने आया कि यार्ड में रखे गए स्क्रैप में लोंग प्रूफ रेंज, खमरिया से लाया गया डिमोलिश किया गया गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री शामिल थी। पुलिस के अनुसार, इसके असुरक्षित रखरखाव के कारण यह धमाका हुआ था और मो. शमीम खान और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
नागपुर में रहने और फैक्ट्री से संबंध नहीं होने की दलील
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सुनील कुमार पाण्डेय ने अदालत को बताया कि उनका मुवक्किल पिछले 5 वर्षों से नागपुर में रह रहा है। जिस फैक्ट्री में धमाका हुआ, उसका याचिकाकर्ता से कोई संबंध नहीं है और फैक्ट्री पर मो. फहीम खान का एकल स्वामित्व है।
राजस्व और विभागीय रिकॉर्ड बेटे के नाम पर
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि सभी राजस्व रिकॉर्ड, जीएसटी रजिस्ट्रेशन और विभिन्न विभागों, बिजली कंपनी, नगर निगम और टीएंडसीपी की अनुमतियां बेटे के नाम पर हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर यह दलील दी गई कि मो. शमीम खान का फैक्ट्री परिसर से कोई लेना देना नहीं है।
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हाईकोर्ट ने आपराधिक कार्रवाई की निरस्त
दस्तावेजों पर गौर करने के बाद हाईकोर्ट ने मो. शमीम खान के खिलाफ दर्ज मामला और उसके आधार पर की जा रही कार्रवाई निरस्त कर दी। अदालत ने यह माना कि जिस परिसर में धमाका हुआ था, उसके मालिक मो. फहीम हैं और नागपुर में रहने वाले उनके पिता के खिलाफ, परिसर से संबंध नहीं होने की स्थिति में, मुकदमा नहीं चलाया जा सकता है।




















