Hamas-Gaza Peace Plan : ट्रंप की चेतावनी के बाद हमास सीजफायर को तैयार, इजराइली बंधकों को करेगा रिहा; इजराइल भी हमला रोकने को तैयार

वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी के कुछ ही घंटे बाद गाजा युद्ध पर बड़ी हलचल देखने को मिली है। हमास ने शुक्रवार देर रात ऐलान किया कि वह ट्रंप की 20 सूत्रीय शांति योजना के तहत गाजा में सीजफायर मानने को तैयार है। संगठन ने कहा कि, वह सभी 48 बंधकों जिंदा और मृत को रिहा करेगा और गाजा प्रशासन किसी स्वतंत्र फलस्तीनी निकाय को सौंपने के लिए तैयार है। हालांकि, हथियार छोड़ने (Disarmament) पर उसने कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया।
ट्रंप का दबाव और हमास का झुकाव
3 अक्टूबर तक सीजफायर मानने की समयसीमा खत्म होने से पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर सख्त लहजे में चेतावनी दी थी कि, अगर समझौता नहीं हुआ तो हमास के खिलाफ अब तक की "सबसे बड़ी कार्रवाई" की जाएगी। इस दबाव का असर दिखा और महज छह घंटे के भीतर हमास ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वह बंधकों की रिहाई और गाजा प्रशासन सौंपने के लिए तैयार है।
बंधकों की रिहाई और कैदियों की अदला-बदली
हमास ने घोषणा की है कि वह सीजफायर लागू होने के 72 घंटे के भीतर सभी 48 बंधकों को रिहा करेगा। इनमें लगभग 20 जिंदा बताए जा रहे हैं। इसके बदले में इजराइल को 2,000 से अधिक फलस्तीनी कैदियों और मारे गए गाजावासियों के शव लौटाने होंगे।
इजराइल की ओर से भी संकेत मिले हैं कि, वह इस आदान-प्रदान पर सहमत है और गाजा से सेना हटाने की प्रक्रिया शुरू करने को तैयार है।
20 पॉइंट्स ऑफ ट्रंप गाजा पीस प्लान
डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा युद्ध खत्म करने के लिए 20 बिंदुओं की योजना पेश की थी, जिनमें प्रमुख बिंदु हैं:
- तुरंत युद्धविराम – इजराइल और हमास के बीच सहमति बनने पर गाजा में लड़ाई तुरंत बंद होगी।
- इजराइल की वापसी – चरणबद्ध तरीके से इजराइल अपनी सेनाओं को गाजा से हटा लेगा।
- बंधकों की रिहाई – हमास 72 घंटे के भीतर सभी बंधकों को छोड़ेगा, चाहे वे जिंदा हों या मृत।
- कैदियों की रिहाई – इजराइल 250 उम्रकैद कैदियों सहित 1,700 फ़लस्तीनी बंदियों को छोड़ेगा।
- शवों का आदान-प्रदान – हर मृत इजराइली बंदी के बदले 15 फ़लस्तीनी शव लौटाए जाएंगे।
- गाजा को आतंकमुक्त बनाना – हमास के सभी ठिकाने और हथियार गाजा से हटाए जाएंगे।
- हमास की भूमिका समाप्त – हमास और उसके लड़ाके गाजा प्रशासन का हिस्सा नहीं बनेंगे।
- अंतरिम प्रशासन समिति – योग्य लोगों की तकनीकी समिति गाजा का अस्थायी प्रशासन संभालेगी।
- शांति बोर्ड का गठन – बोर्ड की अध्यक्षता राष्ट्रपति ट्रंप करेंगे और इसमें टोनी ब्लेयर व अन्य नेता होंगे।
- पुनर्निर्माण योजना – गाजा के विकास और सुधार की योजना बनेगी और उसका खर्च बोर्ड उठाएगा।
- मानवीय सहायता – गाजा को तुरंत अंतर्राष्ट्रीय मदद भेजी जाएगी।
- विशेष व्यापार क्षेत्र – गाजा में स्पेशल ट्रेड जोन बनाए जाएंगे ताकि रोजगार के अवसर बढ़ें।
- आवागमन की स्वतंत्रता – गाजा छोड़ने या लौटने के लिए किसी पर भी दबाव नहीं होगा।
- सुरक्षा बल की तैनाती – एक अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा बल गाजा में शांति व्यवस्था बनाए रखेगा।
- पुलिस प्रशिक्षण – सुरक्षा बल गाजा पुलिस को ट्रेनिंग देंगे और सहयोग करेंगे।
- सीमा सुरक्षा – मिस्र और इजराइल की सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।
- हमलों पर रोक – युद्धविराम तक हवाई हमले और गोलाबारी पूरी तरह बंद रहेगी।
- मानवाधिकार निगरानी – अंतर्राष्ट्रीय संगठन गाजा में मानवीय सहायता और सुरक्षा की देखरेख करेंगे।
- शांति वार्ता – इजराइल और फलस्तीनियों के बीच स्थायी शांति के लिए बातचीत शुरू होगी।
- भविष्य की रणनीति – इस योजना का उद्देश्य गाजा को स्थायी शांति, विकास और बेहतर जीवन की दिशा में ले जाना है।
हथियार छोड़ने पर हमास की चुप्पी
हमास ने भले ही सीजफायर और प्रशासनिक बदलाव पर सहमति जताई है, लेकिन उसने हथियार छोड़ने पर कुछ नहीं कहा। इजराइल और अमेरिका लंबे समय से हमास से निरस्त्रीकरण की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच आगे बातचीत होने की संभावना है।
ट्रंप और नेतन्याहू की पहल
कुछ दिन पहले इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वॉशिंगटन में ट्रंप से मुलाकात की थी। इसी बैठक के बाद ट्रंप ने यह शांति योजना पेश की थी। हमास के सकारात्मक संकेत के बाद अब नेतन्याहू के दफ्तर ने बयान जारी कर कहा कि इजराइल ट्रंप के प्लान के पहले चरण पर अमल करने को तैयार है। सेना को गाजा में बड़े हमले रोकने और सिर्फ जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है।
विश्व नेताओं की प्रतिक्रिया
नरेंद्र मोदी (भारत) – बंधकों की रिहाई शांति की दिशा में अहम कदम है, भारत इस पहल का समर्थन करता है।
कीर स्टार्मर (ब्रिटेन) – इजराइल और फलस्तीनियों के लिए हम शांति की दिशा में सहयोग करेंगे।
इमैनुएल मैक्रों (फ्रांस) – गाजा सीजफायर संभव हुआ है, इसके लिए ट्रंप को धन्यवाद।
जॉर्जिया मेलोनी (इटली) – प्राथमिकता युद्ध रोकना और बंधकों की रिहाई होनी चाहिए।
कतर का विदेश मंत्रालय – हमास और इजराइल के बीच समझौते का समर्थन करते हैं और हर संभव मदद करेंगे।











