दरवाजा अंदर से बंद था...नोएडा फ्लैट में मिला दिल्ली के पूर्व चीफ सेक्रेटरी राकेश मेहता का शव! सुसाइड नोट में तनाव का जिक्र

नोएडा। दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता का निधन नोएडा स्थित उनके आवास पर हो गया। पुलिस के मुताबिक, 6 सितंबर को सेक्टर-82 की केंद्रीय विहार-2 सोसायटी में उनका शव मिला। फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद था और पुलिस ने उसे खोलकर अंदर प्रवेश किया। मेहता का शव पंखे से लटका मिला। सूचना डायल-112 के जरिए मिली थी। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम ने पहुंचकर जांच की और जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस को सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें मानसिक और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का जिक्र होने की बात सामने आई है। मामले की जांच जारी है।
पत्नी के फोन का जवाब नहीं मिला
घटना के समय राकेश मेहता की पत्नी सुमंती मेहता देहरादून में अपने बेटे से मिलने गई हुई थीं। उन्होंने मेहता को कई बार फोन किया लेकिन जब कोई जवाब नहीं मिला तो उन्हें चिंता हुई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बंद फ्लैट का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई। घर के अंदर मेहता का शव मिला। शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और फॉरेंसिक टीम को बुलाया। टीम ने घर से जरूरी साक्ष्य जुटाए। अधिकारियों का कहना है कि मौत की परिस्थितियों को लेकर जांच अभी जारी है।
सुसाइड नोट में क्या लिखा
पुलिस को घटनास्थल से सुसाइड नोट मिलने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि इसमें राकेश मेहता ने अपने कदम के पीछे मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का उल्लेख किया था। हालांकि, पुलिस नोट में लिखी बातों और दूसरे सबूतों की जांच कर रही है। अधिकारियों की जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई पूरी करने के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया था।
7 सितंबर को हुआ अंतिम संस्कार
राकेश मेहता का अंतिम संस्कार 7 सितंबर को दिल्ली के लोधी रोड श्मशान घाट पर किया गया। उनके निधन की खबर से प्रशासनिक और राजनीतिक क्षेत्र में शोक का माहौल है। पूर्व सहयोगियों और नेताओं ने उनके काम को याद करते हुए उन्हें कुशल प्रशासक बताया।
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2007 से 2010 तक संभाली जिम्मेदारी
राकेश मेहता 1975 बैच के IAS अधिकारी थे। उन्होंने वर्ष 2007 में दिल्ली के मुख्य सचिव का पद संभाला और 2010 में सेवानिवृत्त हुए। उस समय दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित थीं। उनके कार्यकाल में राजधानी में कई बड़े प्रशासनिक और बुनियादी ढांचे से जुड़े काम आगे बढ़े। राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों के दौरान भी उनकी प्रशासनिक भूमिका महत्वपूर्ण रही।
दिल्ली के विकास कार्यों में रहा योगदान
मेहता ने दिल्ली सरकार में कई अहम जिम्मेदारियां संभाली थीं। वह दिल्ली नगर निगम के कमिश्नर भी रहे। पूर्व सहयोगियों के अनुसार, बिजली व्यवस्था में निजीकरण, सार्वजनिक परिवहन में बदलाव और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कामों में उनका योगदान रहा। ब्लू लाइन बसों को हटाकर लो-फ्लोर बसें लाने की योजना से भी उनका नाम जुड़ा रहा। उनके कामकाज को प्रशासनिक सुधारों और बेहतर नागरिक सुविधाओं की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है।
पूर्व मंत्री अरविंदर सिंह लवली ने किया याद
दिल्ली के पूर्व मंत्री अरविंदर सिंह लवली ने राकेश मेहता के निधन पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि मेहता नई नीतियों और नए विचारों को लागू करने के लिए हमेशा तैयार रहते थे। पूर्व मुख्य सचिव रमेश नेगी ने भी उनके प्रशासनिक काम और सुधारों को याद किया। वरिष्ठ अधिकारी के निधन से उनके पुराने सहयोगियों में भी शोक है।
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पुलिस की जांच जारी
नोएडा पुलिस अब मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। सुसाइड नोट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




















