सीहोर में क्लोरीन गैस का कहर, लसुड़िया खास के फिल्टर प्लांट में रिसाव, एक दर्जन से ज्यादा ग्रामीण अस्पताल पहुंचे

सीहोर। जिले के लसुड़िया खास गांव में मंगलवार शाम पानी फिल्टर प्लांट से क्लोरीन गैस का अचानक रिसाव होने से हड़कंप मच गया। जहरीली गैस हवा में फैलते ही आसपास मौजूद ग्रामीणों की हालत बिगड़ने लगी। देखते ही देखते इलाके में अफरा-तफरी मच गई। एक दर्जन से अधिक ग्रामीण गैस की चपेट में आने की बात सामने आई है। प्रभावित लोगों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार और चिकित्सकीय जांच जारी है। फिलहाल सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
अचानक गैस रिसाव से मची भगदड़
जानकारी के अनुसार लसुड़िया खास स्थित पानी सफाई प्लांट में मंगलवार शाम अचानक क्लोरीन गैस का रिसाव शुरू हुआ। तेज गंध और गैस के असर से आसपास मौजूद लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी होने लगी। कुछ ही देर में लोगों को उल्टी-दस्त सहित अन्य तकलीफें महसूस हुईं। घटना की खबर फैलते ही ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया।
एक दर्जन से ज्यादा लोग गैस की चपेट में
स्थानीय लोगों के अनुसार गैस रिसाव के कारण एक दर्जन से अधिक ग्रामीण प्रभावित हुए हैं। कई लोगों की आंखों में तेज जलन हुई, जबकि कुछ को सांस लेने में परेशानी और उल्टी-दस्त की शिकायत सामने आई। स्थिति को देखते हुए प्रभावित लोगों को बिना देर किए जिला अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में सभी का उपचार किया जा रहा है।
पुलिस-प्रशासन ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत चौबे ने बताया कि काहिरी डैम के पास स्थित फिल्टर प्लांट से क्लोरीन गैस का रिसाव हुआ है। शुरुआती जांच में एक सिलेंडर से गैस लीक होने की जानकारी सामने आई है। रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित किया और लोगों की स्क्रीनिंग शुरू की।
इलाके को किया सुरक्षित, हालात काबू में
गैस रिसाव के बाद पुलिस और राहत टीमों ने तत्काल आसपास के क्षेत्र को घेरकर लोगों की आवाजाही नियंत्रित की। एहतियात के तौर पर ग्रामीणों को प्रभावित स्थान से दूर किया गया, ताकि गैस के संपर्क में आकर और लोग बीमार न पड़ें। टीमों की कार्रवाई के बाद स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
लापरवाही की आशंका, जांच के बाद सामने आएगा सच
फिल्टर प्लांट में जहरीली क्लोरीन गैस के सिलेंडर से रिसाव की घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर गैस सिलेंडर से रिसाव कैसे हुआ और प्लांट में सुरक्षा के क्या इंतजाम थे, इसकी जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल प्रशासन का पूरा फोकस प्रभावित ग्रामीणों के उपचार और क्षेत्र को सुरक्षित रखने पर है।
क्लोरीन गैस को लेकर क्यों बढ़ी चिंता
क्लोरीन गैस अत्यधिक जहरीली मानी जाती है। इसके संपर्क में आने पर आंखों में जलन, पानी आना, खांसी, गले में जलन और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। अधिक मात्रा में गैस शरीर में पहुंचने पर फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। यही वजह है कि रिसाव की सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीम ने इलाके को तत्काल सुरक्षित किया।




















