रायपुर निगम ने कसी कमर में अब राजस्व डिफॉल्टरों की खैर नहीं,10 संपत्तियों पर कुर्की की तैयारी

प्रेम कुमार, रायपुर: राजधानी रायपुर में नगर निगम ने राजस्व बकायादारों के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई की तैयारी कर ली है। लंबे समय से बकाया कर जमा नहीं करने वाले डिफॉल्टरों की संपत्तियों पर कुर्की की कार्रवाई शुरू की जा रही है। निगम ने पहले चरण में 10 राजस्व मामलों को चिन्हित किया है और इसके लिए टीम का गठन भी कर दिया गया है।
डिफॉल्टरों पर निगम का बड़ा एक्शन
राजधानी रायपुर में राजस्व वसूली को लेकर नगर निगम अब सख्त मोड में नजर आ रहा है। लंबे समय से राजस्व बकाया रखने वाले करदाताओं के खिलाफ संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। निगम के मुताबिक कार्रवाई की प्रारंभिक प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है।
पहली बार संपत्ति कुर्की की तैयारी
नगर निगम की उपायुक्त एवं राजस्व अधिकारी अंजलि शर्मा के मुताबिक प्रथम चरण में अलग-अलग राजस्व मामलों से जुड़े 10 डिफॉल्टरों की संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया की जा रही है। कार्रवाई के तहत संबंधित बकायादारों की संपत्ति को निगम से अटैच किया जाएगा।
दो नोटिस के बाद आखिरी मौका
निगम की कार्रवाई सीधे कुर्की से शुरू नहीं होगी। बकायादारों को पहले नियमानुसार नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद दूसरा नोटिस जारी किया जाएगा। दूसरे नोटिस के बाद भी कर जमा नहीं करने वाले डिफॉल्टर को अंतिम अवसर दिया जाएगा।
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30 दिन में टैक्स जमा नहीं किया तो...
अंतिम नोटिस के बाद संबंधित करदाता को 30 दिनों के भीतर बकाया राजस्व जमा करने का मौका मिलेगा। इस निर्धारित अवधि में भुगतान कर दिया जाता है तो कुर्की की कार्रवाई से बचा जा सकता है। लेकिन समय सीमा के भीतर बकाया राशि जमा नहीं हुई तो निगम नियमानुसार संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई आगे बढ़ाएगा।
10 मामलों से शुरू होगी कार्रवाई
नगर निगम ने फिलहाल 10 अलग-अलग राजस्व मामलों को प्रथम चरण के लिए चुना है। इन मामलों में नोटिस और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद संपत्ति कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
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निगम का साफ संदेश समय पर टैक्स जमा करें
नगर निगम का फोकस लंबे समय से लंबित राजस्व की वसूली पर है। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य सिर्फ संपत्ति कुर्क करना नहीं, बल्कि करदाताओं को समय पर राजस्व जमा करने के लिए जिम्मेदार बनाना भी है।
अब बकायादारों पर बढ़ेगा दबाव
निगम की इस कार्रवाई से लंबे समय से टैक्स या अन्य राजस्व बकाया रखने वाले लोगों पर दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है। हालांकि संपत्ति कुर्क करने से पहले संबंधित डिफॉल्टरों को नोटिस और भुगतान का निर्धारित अवसर दिया जाएगा।
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अंजलि शर्मा,राजस्व अधिकारी नगर निगम रायपुर
रायपुर नगर निगम में 50 हजार रुपए से ज्यादा टैक्स बकाया रखने वाले 4 हजार से अधिक प्रकरण हैं। इनमें 1200 से ज्यादा लोगों पर एक लाख रुपए से अधिक और 420 से ज्यादा बकायादारों पर दो लाख रुपए से अधिक का टैक्स बकाया है। नगर निगम का फोकस खास तौर पर कॉमर्शियल टैक्स बकायादारों पर है। ऐसे लोगों को लगातार नोटिस दिए जा रहे हैं। नोटिस के बाद भी भुगतान नहीं करने पर सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। कुछ मामलों में सीलिंग के बाद भी टैक्स जमा नहीं किया गया है। ओपन कमर्शियल प्लॉट के मामलों में सीलिंग संभव नहीं होने के कारण अब कुर्की की कार्रवाई की तैयारी है। वर्तमान में तीन मामले कुर्की के लिए प्रस्तावित हैं। इसके लिए नियमानुसार नोटिस देने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। बकायादारों की सुविधा के लिए नगर निगम ने टैक्स की राशि एकमुश्त के साथ-साथ किस्तों में जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई है।




















