राजधानी में बिजली सप्लाई का नया पावर हब तैयार, 40% आबादी को मिलेगा बड़ा फायदा

दलदलसिवनी में 60 करोड़ की लागत से 220 KV उपकेंद्र ऊर्जीकृत, ढाई लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को मिलेगी मजबूत और भरोसेमंद बिजली सप्लाई,रायपुर के दलदलसिवनी में करीब 60 करोड़ रुपए की लागत से तैयार 220 KV नया बिजली उपकेंद्र ऊर्जीकृत हो गया है। इससे राजधानी की करीब 40 प्रतिशत आबादी को बेहतर और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।
राजधानी में बिजली सप्लाई का नया पावर हब तैयार, 40% आबादी को मिलेगा बड़ा फायदा

प्रेम कुमार,रायपुर: राजधानी रायपुर में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ी कामयाबी मिली है। राजधानी के दलदलसिवनी में करीब 60 करोड़ रुपए की लागत से तैयार 220 KV नया उपकेंद्र ऊर्जीकृत कर दिया गया है। इससे रायपुर की करीब 40 प्रतिशत आबादी को बेहतर और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। उपकेंद्र से ढाई लाख से ज्यादा घरेलू, गैर-घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं की बिजली जरूरत पूरी करने में मदद मिलेगी। खास बात यह है कि इसका फायदा शहर के साथ उरला, सिलतरा और मेटल पार्क जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को भी मिलेगा।

राजधानी के बीच बना बड़ा बिजली उपकेंद्र

रायपुर में बढ़ती बिजली मांग और गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति को देखते हुए दलदलसिवनी में नया 220 KV उपकेंद्र तैयार किया गया है। लगभग 10 एकड़ क्षेत्र में बने इस उपकेंद्र की लागत करीब 60 करोड़ रुपए है। इस उपकेंद्र के ऊर्जीकृत होने से राजधानी की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और पावर कंपनीज के चेयरमैन सुबोध कुमार सिंह ने इस उपलब्धि पर अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई दी है।

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160 MVA का ट्रांसफॉर्मर, दो 63 MVA ट्रांसफॉर्मर हुए चार्ज

उपकेंद्र में फिलहाल 160 MVA का एक ट्रांसफॉर्मर और 63 MVA के दो ट्रांसफॉर्मर ऊर्जीकृत किए गए हैं। इसके अलावा 160 MVA का एक और ट्रांसफॉर्मर अगले दो महीने में स्थापित किए जाने की योजना है। इससे भविष्य में बिजली की बढ़ती मांग को संभालने में अतिरिक्त क्षमता मिलेगी।

ऐसे पहुंचेगी बिजली, कई स्तरों पर मजबूत होगा नेटवर्क

कोरबा के मड़वा से आने वाली बिजली पहले 400 KV लाइनों के माध्यम से 400 KV उपकेंद्र तक पहुंचती है। इसके बाद 220 KV लाइन और उपकेंद्र से 132 KV नेटवर्क तक बिजली पहुंचाई जाती है। इसके बाद डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के 33 KV और 11 KV उपकेंद्रों से एलटी लाइनों के जरिए घरेलू और अन्य उपभोक्ताओं तक बिजली पहुंचती है। दलदलसिवनी का नया उपकेंद्र इसी नेटवर्क को राजधानी के बीच अतिरिक्त मजबूती देने वाला महत्वपूर्ण कड़ी बन गया है।

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शहर के 40 फीसदी हिस्से को मिलेगा सीधा फायदा

नए उपकेंद्र से राजधानी की करीब 40 प्रतिशत आबादी को बेहतर विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। वर्तमान में यहां से 132 KV की दो लाइनें कचना और उरला के लिए निकाली गई हैं। इसके अलावा 33 KV की आठ फीडर लाइनें निकाली जाएंगी। इनमें सात फीडर रायपुर शहर और एक फीडर रायपुर ग्रामीण क्षेत्र के लिए प्रस्तावित है।

उरला-सिलतरा के उद्योगों को भी मिलेगा फायदा

दलदलसिवनी उपकेंद्र का लाभ केवल घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा। राजधानी से जुड़े उरला, सिलतरा और मेटल पार्क के औद्योगिक क्षेत्रों की बिजली जरूरतों को भी इससे मजबूती मिलेगी। बिजली आपूर्ति के नेटवर्क में नया उपकेंद्र जुड़ने से औद्योगिक क्षेत्रों में विश्वसनीय विद्युत सप्लाई उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

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डोमा उपकेंद्र पर दबाव होगा कम

अब तक राजधानी की बिजली सप्लाई में डोमा स्थित 220 KV उपकेंद्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। शहर से दूरी अधिक होने के कारण नेटवर्क को मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही थी। दलदलसिवनी में नया 220 KV उपकेंद्र जुड़ने से राजधानी की सप्लाई व्यवस्था को नया वैकल्पिक सपोर्ट मिलेगा और विद्युत नेटवर्क अधिक मजबूत होगा।

4.5 KM नई मल्टीसर्किट लाइन से भविष्य की तैयारी

इस परियोजना में 220 KV की करीब साढ़े चार किलोमीटर नई मल्टीसर्किट लाइन भी शामिल है। इस लाइन के जरिए भविष्य में 132 KV की दो और लाइनें निकाली जा सकेंगी। इससे सिलतरा, मंदिर हसौद और नवा रायपुर तक बिजली नेटवर्क को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

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प्रशासन और स्थानीय निकायों के सहयोग से पूरा हुआ काम

राजधानी के बीच बड़े विद्युत उपकेंद्र और नई लाइन का काम आसान नहीं था। रायता से दलदलसिवनी तक लाइन के निर्माण में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और स्थानीय निकायों की सामूहिक सहभागिता से सामने आई चुनौतियों को दूर किया गया। इसके बाद उपकेंद्र को सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किया गया।

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अधिकारियों ने किया स्विच ऑन

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने उपकेंद्र का स्विच ऑन कर इसे ऊर्जीकृत किया। पावर कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना राजधानी की विद्युत व्यवस्था को भविष्य की बढ़ती मांग के अनुरूप मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

PREM

मै प्रेम निर्मलकर मैने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर से की, विगत 18 वर्षों से मुझे पत...Read More

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