मुंबई। फोर्ब्स इंडिया ने वर्ष 2025 की भारत के 100 सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची जारी की है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी एक बार फिर शीर्ष स्थान पर काबिज हैं। हालांकि, इस बार उनकी कुल संपत्ति में कमी आई है। अंबानी की नेटवर्थ घटकर 105 अरब डॉलर रह गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12 प्रतिशत या लगभग 14.5 अरब डॉलर कम है। इस गिरावट के बावजूद वह भारत के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। उन्होंने हाल ही में रिलायंस इंटेलिजेंस नाम से एक नई कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) इकाई शुरू की है और 2026 में जियो को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की योजना बना रहे हैं।
सूची में दूसरे स्थान पर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के दिग्गज उद्योगपति गौतम अडाणी और उनका परिवार हैं, जिनकी संपत्ति 92 अरब डॉलर आंकी गई है। अडानी ग्रुप के चेयरमैन को सितंबर 2025 में बड़ी राहत मिली जब भारतीय प्रतिभूति विनियामक संस्था (SEBI) ने कहा कि अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा लगाए गए धोखाधड़ी के आरोप साबित नहीं हो सके। इन आरोपों के कारण 2023 में अडानी समूह के शेयरों में भारी गिरावट आई थी, जिससे उनकी संपत्ति में एक समय बड़ी कमी आ गई थी।
तीसरे स्थान पर ओपी जिंदल ग्रुप की चेयरपर्सन सावित्री जिंदल हैं, जिनकी संपत्ति 3.5 अरब डॉलर घटकर 40.2 अरब डॉलर रह गई है। उन्होंने अपनी स्थिति बरकरार रखी, लेकिन इस वर्ष उनकी संपत्ति में भी कमी दर्ज की गई। चौथे स्थान पर इस बार भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल हैं, जिन्होंने पिछले साल के मुकाबले अपनी संपत्ति में सबसे अधिक बढ़ोतरी दर्ज की। मित्तल परिवार की कुल संपत्ति 3.5 अरब डॉलर बढ़कर 34.2 अरब डॉलर हो गई, और वे तीन स्थान ऊपर चढ़कर 2008 के बाद फिर से चौथे स्थान पर पहुंचे हैं।
वहीं, टेक्नोलॉजी क्षेत्र के दिग्गज शिव नाडर, जो पिछले साल चौथे स्थान पर थे, इस बार पांचवें स्थान पर खिसक गए हैं। उनकी संपत्ति अब 33.2 अरब डॉलर है। 2025 की सूची में कुछ नए नाम भी शामिल हुए हैं। इनमें सबसे उल्लेखनीय हैं दोषी भाई-बहन, जिन्होंने अपने सोलर पैनल निर्माता ब्रांड वारी एनर्जीज के जरिए पहली बार एंट्री की है। वे सूची में 37वें स्थान पर हैं और उनकी संयुक्त संपत्ति 7.5 अरब डॉलर है। उनकी कंपनी ने पिछले साल शेयर बाजार में शानदार प्रदर्शन किया था और अपने इश्यू प्राइस से 70 प्रतिशत प्रीमियम पर सूचीबद्ध हुई थी।
इस सूची में एक और नया नाम डिक्सन टेक्नोलॉजीज के संस्थापक और चेयरमैन सुनील वचानी का है, जो 80वें स्थान पर हैं। उनकी कुल संपत्ति 3.85 अरब डॉलर है। डिक्सन कंपनी सैमसंग और शाओमी जैसी दिग्गज कंपनियों के लिए इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बनाती है। कई पुराने नाम भी सूची में लौटे हैं। इनमें लीना तिवारी (यूएसवी), पीएनसी मेनन (सोभा ग्रुप) और केपी रामासामी (केपीआर मिल) शामिल हैं, जिनकी संपत्ति क्रमशः 3.8, 3.6 और 3.3 अरब डॉलर है। हालांकि, सात लोग पिछले साल की सूची से बाहर हो गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस साल सूची में शामिल होने की न्यूनतम सीमा भी थोड़ी घटकर 3.2 अरब डॉलर रह गई, जबकि पिछले साल यह 3.3 अरब डॉलर थी।
इस बार भारत के 100 सबसे अमीर लोगों की कुल संपत्ति में 9 प्रतिशत की गिरावट आई है। सामूहिक रूप से इनकी कुल संपत्ति 100 अरब डॉलर घटकर 1 ट्रिलियन डॉलर रह गई है। इस कमी का मुख्य कारण रुपए की कमजोरी और सेंसेक्स में लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट बताई गई है। फोर्ब्स के अनुसार, इस वर्ष सूची में शामिल लगभग दो-तिहाई लोगों की संपत्ति में गिरावट दर्ज की गई है, जिसमें स्वयं मुकेश अंबानी भी शामिल हैं। फोर्ब्स ने यह सूची कंपनियों के शेयरहोल्डिंग, सार्वजनिक सूचनाओं, विश्लेषकों की रिपोर्ट और भारत के नियामक एजेंसियों के आंकड़ों के आधार पर तैयार की है।