Manisha Dhanwani
31 Jan 2026
जनवरी 2026 खत्म होने वाला है और कल से फरवरी महीने की शुरुआत हो रही है। हर महीने की तरह इस महीने भी कई बड़े बदलाव लागू होंगे। इनमें LPG सिलेंडर की कीमतों, टोल टैक्स पर FASTag नियम और सबसे बड़ा शॉक - तंबाकू और पान-मसाला की कीमतों में वृद्धि शामिल है।
1 फरवरी 2026 से तंबाकू उत्पादों और पान-मसाला पर सरकार द्वारा लागू अतिरिक्त टैक्स प्रभावी होगा। इस बदलाव के तहत GST के अलावा नए उत्पाद शुल्क और उपकर लगाए जाएंगे। इसका असर सीधे इन प्रोडक्ट्स की कीमतों पर दिखाई देगा।
साल की शुरुआत में सरकार ने GST क्षतिपूर्ति उपकर के स्थान पर नया उत्पाद शुल्क और उपकर अधिसूचित किया था। साथ ही चबाने वाले तंबाकू, जर्दा और गुटखा पैकिंग मशीन नियम, 2026 भी जारी किए गए। ये नियम उत्पादन क्षमता का आकलन कर शुल्क वसूलने की प्रक्रिया निर्धारित करते हैं।
सरकार के नए टैक्स स्ट्रक्चर के तहत लंबी और प्रीमियम सिगरेट पर सबसे अधिक वृद्धि होगी। सिगरेट की लंबाई के आधार पर प्रति 1,000 स्टिक पर 2,050 रुपए से लेकर 8,500 रुपए तक का नया उत्पाद शुल्क लगेगा। यह शुल्क 40% GST के अलावा अलग से लागू होगा।
टैक्स बढ़ने से तंबाकू उत्पाद बनाने वाली कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन प्रभावित होंगे। कंपनियां इस बढ़ोतरी की भरपाई उपभोक्ताओं से करेंगी। इसका मतलब है कि सिगरेट, पान-मसाला और गुटखा महंगे हो जाएंगे।
Crisil की रिपोर्ट के अनुसार, इस टैक्स बढ़ोतरी के चलते घरेलू सिगरेट उद्योग अगले वित्तीय वर्ष में 6-8% की बिक्री में गिरावट का सामना कर सकता है। पहले सिगरेट पर 28% GST और क्षतिपूर्ति उपकर लागू थे, लेकिन 1 फरवरी से ये उपकर हट जाएंगे और नए उत्पाद शुल्क लागू होंगे।