Garima Vishwakarma
1 Feb 2026
केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होते ही शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण खत्म होते ही बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स करीब 2300 अंकों तक टूट गया। निवेशकों को बजट से जो उम्मीदें थीं, वे पूरी नहीं होती दिखीं, इसी वजह से बाजार में बिकवाली तेज हो गई।
बजट से ठीक पहले शेयर बाजार में थोड़ी राहत देखने को मिली थी। सेंसेक्स करीब 220 अंक चढ़कर कारोबार कर रहा था। हालांकि इस दौरान भी आईटी और मेटल सेक्टर के शेयरों में कमजोरी बनी रही। निवेशक बजट के ऐलान से पहले सतर्क नजर आए और बड़ी खरीदारी से दूर रहे।
रविवार को बजट पेश होने की वजह से शेयर बाजार खुला। लेकिन दिन की शुरुआत ही नुकसान के साथ हुई। सेंसेक्स करीब 287 अंक गिरकर खुला। निफ्टी भी 127 अंकों की गिरावट के साथ 25,292 के स्तर पर खुला। शुरुआती कारोबार में ही यह साफ हो गया था कि बाजार का मूड नकारात्मक है।
बजट से पहले कीमती धातुओं में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। सुबह करीब 9 बजे सोना (गोल्ड फ्यूचर्स) करीब 9 प्रतिशत टूटकर लगभग 1,36,186 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं चांदी (सिल्वर फ्यूचर्स) भी 9 प्रतिशत गिरकर करीब 2,65,652 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई। बजट से पहले ही सोने में करीब 9 हजार रुपए और चांदी में लगभग 13 हजार रुपए की गिरावट देखी गई।
बाजार जानकारों के मुताबिक, बजट में कुछ बड़े ऐलानों की उम्मीद थी। लेकिन जब निवेशकों को उम्मीद के मुताबिक संकेत नहीं मिले, तो उन्होंने मुनाफा निकालना शुरू कर दिया।
इसके अलावा-
बजट के बाद आई यह गिरावट बताती है कि बाजार फिलहाल अस्थिर है। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को जल्दबाजी से बचना चाहिए और बाजार के स्थिर होने का इंतजार करना चाहिए। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए गिरावट एक मौका भी बन सकती है, लेकिन सोच-समझकर कदम उठाना जरूरी है।
बजट 2026 के दिन शेयर बाजार और कमोडिटी मार्केट दोनों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिसने निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर दिया।