दिवाली से पहले ही दिल्ली-NCR में सांस लेना हुआ मुश्किल, जहरीली हुई हवा; AQI 350 के पार, क्लाउड सीडिंग की तैयारी शुरू

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दिवाली से पहले ही दिल्ली-NCR में सांस लेना हुआ मुश्किल, जहरीली हुई हवा; AQI 350 के पार, क्लाउड सीडिंग की तैयारी शुरू
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। दिवाली से पहले ही दिल्ली-एनसीआर की हवा जहरीली हो गई है। प्रदूषण के स्तर में लगातार बढ़ोतरी की वजह से क्षेत्र की वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, 18 अक्टूबर की सुबह 8 बजे दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 254 दर्ज किया गया, जबकि कई इलाकों में यह 350 से ऊपर चला गया।

    आनंद विहार (AQI 390), वज़ीरपुर (351) और जहांगीरपुरी (342) जैसे इलाकों में स्थिति गंभीर है, जहां हवा में मौजूद प्रदूषक कण खतरनाक स्तर तक पहुंच चुके हैं।

    ‘बहुत खराब’ श्रेणी में हवा

    दिल्ली में सुबह-सुबह लोगों को धुंध की मोटी परत की वजह से सांस लेने में कठिनाई हुई। PM 2.5 का स्तर 149 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर और PM 10 का स्तर 239 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर दर्ज किया गया। ये आंकड़े विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की सुरक्षित सीमा से कई गुना ज्यादा हैं। धीमी हवा की रफ्तार (5 किमी/घंटा) और नमी की वजह से धूल और धुआं वातावरण में फंसा रह गया है, जिससे स्मॉग की स्थिति बन गई।

    NCR के शहरों में भी हालात खराब

    दिल्ली के अलावा एनसीआर के अन्य शहरों में भी प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ा है।

    नोएडा: AQI 288

    गुरुग्राम: AQI 266

    ग्रेटर नोएडा: AQI 272

    गाजियाबाद: AQI 306

    इन शहरों का प्रदूषण स्तर इन्हें देश के सबसे प्रदूषित इलाकों में शुमार करता है।

    GRAP-I लागू, लेकिन हालात जस के तस

    वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP-I) पहले ही लागू किया हुआ है। यह तब लागू होता है जब AQI 200 से 300 के बीच पहुंचता है। इस चरण में 27 निवारक उपाय जैसे पानी का छिड़काव, एंटी-स्मॉग गन, सड़कों की धूल नियंत्रण, निर्माण कार्यों पर निगरानी आदि की जाती है। फिर भी वायु गुणवत्ता में कोई खास सुधार नहीं देखा गया है। 

    AQI रेंज कितनी हानिकारक

    • 0-50 अच्छा
    • 51-100 संतोषजनक
    • 101-150 मध्यम
    • 151-200 खराब
    • 201-300 बहुत खराब
    • 301-500 गंभीर

    दिवाली के बाद कृत्रिम बारिश की योजना

    प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने क्लाउड सीडिंग (कृत्रिम बारिश) की तैयारी पूरी कर ली है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि, मौसम विभाग से हरी झंडी मिलने के बाद दिवाली के एक दिन बाद कुछ इलाकों में कृत्रिम बारिश कराई जाएगी। इसके लिए क्लाउड ब्लास्टिंग और नमी के स्तर का अध्ययन जारी है।

    पराली जलाना बड़ी वजह

    प्रदूषण बढ़ने की एक प्रमुख वजह हरियाणा और पंजाब में पराली जलाना है। हालांकि, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने 2015 में पराली जलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया था, फिर भी हर साल अक्टूबर-नवंबर में इसका असर दिल्ली की हवा पर नजर आता है। CAQM अधिनियम 2021 के तहत सरकार ने जुर्माने का प्रावधान किया है-

    • 2 एकड़ तक खेत पर पराली जलाने पर 5,000 रुपए
    • 2 से 5 एकड़ पर 10,000 रुपए
    • 5 एकड़ से अधिक पर 30,000 रुपए 

    इसके बावजूद किसानों के लिए ठोस विकल्पों की कमी के कारण पराली जलाना जारी है।

    दिवाली पर ग्रीन पटाखों की अनुमति

    इस साल दिवाली पर सुप्रीम कोर्ट ने केवल ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि, नियमों का पालन नहीं होने पर हवा और भी जहरीली हो सकती है। वायु प्रदूषण विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा प्रदूषण स्तर पर हर दिन का एक्सपोजर लगभग 5.6 सिगरेट पीने के बराबर है।

    प्रदूषण से बचाव के उपाय

    • घर के अंदर रहें और खिड़कियां-दरवाजे बंद रखें।
    • एयर प्यूरीफायर या पौधों का उपयोग करें।
    • बाहर निकलते समय N95 मास्क पहनें।
    • वाहनों का उपयोग सीमित करें, कारपूल या पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाएं।
    • ज्यादा पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें।
    • दिवाली पर ग्रीन पटाखों का ही प्रयोग करें।
    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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