CG NEWS:पहली पत्नी की मौत के बाद दूसरी पत्नी को भी मिलेगी फैमिली पेंशन: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

हाई कोर्ट ने कहा- पेंशन सामाजिक सुरक्षा का अधिकार, तकनीकी आधार पर दूसरी पत्नी को नहीं किया जा सकता वंचित।
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पहली पत्नी की मौत के बाद दूसरी पत्नी को भी मिलेगी फैमिली पेंशन: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

रायपुर/बिलासपुर न्यूज। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने फैमिली पेंशन को लेकर अहम फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि पहली पत्नी के निधन के बाद दूसरी पत्नी भी पारिवारिक पेंशन की हकदार हो सकती है। कोर्ट ने कहा कि पेंशन सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा अधिकार है और इसे केवल तकनीकी या वैवाहिक विवाद के आधार पर नहीं रोका जा सकता।

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हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने फैमिली पेंशन से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में दूसरी पत्नी के पक्ष में फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि पहली पत्नी के जीवित रहते दूसरा विवाह हिंदू विवाह अधिनियम के तहत भले ही वैध न माना जाए, लेकिन इससे दूसरी पत्नी को पारिवारिक पेंशन के अधिकार से स्वतः वंचित नहीं किया जा सकता।

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क्या था पूरा मामला?

यह मामला गुंडाधुर कृषि अनुसंधान केंद्र, जगदलपुर में सहायक लेखाकार रहे मनोकांत पांडेय से जुड़ा है। कर्मचारी के निधन के बाद पहली पत्नी पुष्पलता उपाध्याय और दूसरी पत्नी अन्नपूर्णा पांडेय के बीच समझौता हुआ था। समझौते के अनुसार पहली पत्नी को फैमिली पेंशन, जबकि दूसरी पत्नी को भविष्य निधि की राशि और अनुकंपा नियुक्ति मिली थी।

पहली पत्नी के निधन के बाद विवाद

31 अक्टूबर 2020 को पहली पत्नी का निधन हो गया। उनके कोई संतान या अन्य कानूनी वारिस नहीं थे। इसके बाद दूसरी पत्नी अन्नपूर्णा पांडेय ने फैमिली पेंशन के लिए आवेदन किया, लेकिन विश्वविद्यालय ने यह कहते हुए दावा खारिज कर दिया कि दूसरी शादी वैध नहीं थी।

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कोर्ट ने क्या कहा?

न्यायमूर्ति बिभू दत्त गुरु की एकलपीठ ने कहा कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1976 सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कल्याणकारी नियम हैं। इनकी व्याख्या उदारता से की जानी चाहिए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पेंशन का अधिकार सेवा नियमों से तय होता है, न कि केवल व्यक्तिगत वैवाहिक कानूनों से

अनुकंपा नौकरी दी तो पेंशन क्यों नहीं?

हाई कोर्ट ने कहा कि जब विभाग स्वयं दूसरी पत्नी को कर्मचारी की पत्नी मानकर अनुकंपा नियुक्ति दे चुका है, तब पहली पत्नी के निधन के बाद फैमिली पेंशन से इनकार करना उचित नहीं है। अदालत ने इसे विरोधाभासी और अनुचित माना।

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12 सप्ताह में भुगतान का आदेश

हाई कोर्ट ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय का 4 सितंबर 2021 का आदेश निरस्त करते हुए विश्वविद्यालय और संबंधित विभाग को निर्देश दिया कि 12 सप्ताह के भीतर अन्नपूर्णा पांडेय को फैमिली पेंशन, बकाया एरियर और अन्य सभी परिणामी लाभ प्रदान किए जाएं।

Prem Nirmalkar
By Prem Nirmalkar
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