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पिनाकल की जमीन में ‘डबल डील’ का खेल! प्लॉट बेचने के बाद उसी जमीन का फिर सौदा,16 शिकायतें, 4 पर FIR

पिनाकल प्रोजेक्ट से जुड़ी निपानिया की 22 हेक्टेयर जमीन पर गंभीर आरोप; शिकायतकर्ताओं का दावा- पहले प्लॉट काटकर बेचे, बाद में उसी जमीन के हिस्से का दूसरी फर्म से कर दिया सौदा
पिनाकल की जमीन में ‘डबल डील’ का खेल! प्लॉट बेचने के बाद उसी जमीन का फिर सौदा,16 शिकायतें, 4 पर FIR

इंदौर। शहर के चर्चित पिनाकल प्रोजेक्ट से जुड़ी जमीन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। क्राइम ब्रांच ने करीब 22 हेक्टेयर जमीन के कथित फर्जीवाड़े को लेकर चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने संजय अग्रवाल, उनकी पत्नी नीना अग्रवाल, रितू अग्रवाल और गुरनाम सिंह धालीवाल को आरोपी बनाया है। इन पर धोखाधड़ी, कूटरचना, आपराधिक षड्यंत्र और विश्वासघात जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।  मामले में कुल 16 लोगों ने क्राइम ब्रांच को शिकायत दी थी। आरोप है कि जमीन के एक हिस्से पर पहले मंजूरियां लेकर प्लॉट काटे गए और उन्हें ग्राहकों को बेच दिया गया। इसके बाद उसी जमीन के हिस्से को दूसरी फर्म को कृषि भूमि के रूप में बेचने का सौदा कर दिया गया। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इन लेन-देन में करोड़ों रुपए का खेल हुआ।

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पहले प्लॉट काटे, फिर जमीन बेचने का आरोप

शिकायत के मुताबिक निपानिया क्षेत्र के सर्वे नंबर 260/1, 261/1, 261/2 और 264/1 की करीब 22 हेक्टेयर जमीन संजय अग्रवाल, नीना अग्रवाल और रितू अग्रवाल से जुड़ी थी। आरोप है कि इस जमीन के लिए टीएंडसीपी और विकास संबंधी मंजूरियां हासिल करने के बाद प्लॉट काटकर उनकी बिक्री शुरू की गई। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि बाद में इसी जमीन के करीब 9.30 एकड़ हिस्से को जेएसएम देवकान इंडिया और मेसर्स जेएसएम देवकान से जुड़ी फर्म को बेचने का सौदा किया गया। सबसे गंभीर आरोप यह है कि जिस जमीन पर पहले ही प्लॉट बेचे जा चुके थे, उसी हिस्से को बाद में कृषि भूमि बताकर जून और अक्टूबर 2015 में दूसरी फर्म को बेच दिया गया।

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बंधक प्लॉट भी बेचने का आरोप

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ ऐसे प्लॉट भी बेच दिए गए, जो नगर निगम के पास बंधक रखे गए थे। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक इन सौदों के जरिए भी बड़ी रकम हासिल की गई। यानी आरोपों के मुताबिक एक तरफ जमीन पर प्लॉटिंग और बिक्री होती रही, वहीं दूसरी तरफ उसी जमीन के हिस्से को दूसरे सौदों में इस्तेमाल किया गया। अब पुलिस जमीन के स्वामित्व, मंजूरियों, प्लॉट बिक्री और बाद में हुए जमीन सौदों के दस्तावेजों की जांच करेगी।

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फर्मों के नाम बदलने का भी आरोप

मामले में फर्मों के नाम के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायत में आरोप है कि सिमन कंस्ट्रक्शंस का नाम जेएसएम देवकान और सिमन इंफ्रास्ट्रक्चर का नाम जेएसएम देवकान इंडिया के तौर पर इस्तेमाल किया गया। शिकायतकर्ताओं ने इसमें गुरनाम सिंह धालीवाल की भूमिका होने का आरोप लगाया है। आवेदन में विक्की जेठवानी, प्रीतम माटा और उनके परिवार के सदस्यों को भी प्लॉट बेचे जाने का उल्लेख किया गया है।

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2014-15 में पिनाकल की थी धूम

इंदौर में 2014-15 के दौरान पिनाकल रियल एस्टेट ब्रांड काफी चर्चित रहा था। पिनाकल ड्रीम्स, पिनाकल ग्रांड और पिनाकल डिजायर जैसे प्रोजेक्ट्स को बड़े स्तर पर प्रचारित किया गया था। इनके प्रचार से फिल्मी हस्तियों के नाम भी जुड़े रहे थे। पिनाकल ड्रीम्स से जुड़ा मामला एनसीएलटी में सुलझ चुका है, जबकि पिनाकल डिजायर से संबंधित मामला अभी एनसीएलटी में चल रहा है। पिनाकल ग्रांड से जुड़े मामलों में भी अलग-अलग जांच की बात सामने आती रही है।

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16 शिकायतकर्ताओं के आवेदन पर कार्रवाई

क्राइम ब्रांच में रोहित सूद, रमेश रिझवानी, पंकज रिझवानी, राजेश रामरखिया, विशाल मित्तल, अंकिता मित्तल, मुकेश मेहता, अब्दुल खान, सूरज सेसवानी, संजय माहेश्वरी, गणेश खत्री, ललित यादव, हेमंत खत्री, अभय झंवर, अनूप सिंघल और मनीष महाजन ने शिकायत दी थी। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। अब पुलिस जमीन के दस्तावेज, टीएंडसीपी की मंजूरियां, प्लॉट बिक्री, बंधक जमीन और बाद में हुए सौदों की कड़ियां जोड़ने में जुटेगी। क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 120बी और 409 के तहत केस दर्ज किया है।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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