न्यू विस्टा सीमेंट प्लांट में काम के दौरान मजदूर की बिगड़ी तबीयत, अचानक हुई मौत से परिजनों का का फूटा गुसा

रायपुर/ बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार के रिसदा स्थित न्यू विस्टा सीमेंट संयंत्र में काम के दौरान करीब 50 वर्षीय मजदूर की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि शटडाउन के दौरान काम कर रहे ग्राम ढनढनी निवासी गिरधर रजक को अचानक चक्कर आया। साथी मजदूरों ने तत्काल एंबुलेंस की मदद से उसे जिला चिकित्सालय पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है। परिजनों की ओर से मुआवजा, परिवार के सदस्य को नौकरी और पेंशन की मांग उठाई गई है।
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शटडाउन में चल रहा था काम, अचानक बिगड़ी तबीयत
बलौदाबाजार जिले के ग्राम रिसदा स्थित न्यू विस्टा सीमेंट संयंत्र में शटडाउन के दौरान काम कर रहे मजदूर गिरधर रजक की अचानक तबीयत बिगड़ गई। बताया गया कि काम के दौरान उन्हें चक्कर आया और वह अस्वस्थ हो गए। साथी मजदूरों ने तत्काल मदद करते हुए एंबुलेंस बुलाई और उन्हें जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद मजदूर को मृत घोषित कर दिया।
साथियों की आंखों के सामने हुआ हादसा
मृतक के साथी पुरुषोत्तम यदु के मुताबिक, वे गिरधर रजक के साथ काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उन्हें चक्कर आया। साथियों ने तत्काल प्राथमिक मदद देने की कोशिश की और एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया। साथियों का कहना है कि जिस स्थान पर वे काम कर रहे थे, वह खुला क्षेत्र था। मजदूर की तबीयत अचानक क्यों बिगड़ी, इसका तत्काल स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है।

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50 साल के गिरधर रजक की मौत से परिवार में मातम
मृतक की पहचान ग्राम ढनढनी निवासी करीब 50 वर्षीय गिरधर रजक के रूप में हुई है। वह एसके जैन ठेकेदार के अंतर्गत काम कर रहे थे और वर्तमान में संयंत्र में शटडाउन कार्य में लगाए गए थे। गिरधर की मौत की खबर मिलते ही परिवार में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उनके परिवार में चार बेटियां हैं। इनमें एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि दो बेटियां मामा के यहां रहकर पढ़ाई कर रही हैं।
मुआवजा, नौकरी और पेंशन की मांग
घटना के बाद मृतक के साथी मजदूरों और परिजनों की ओर से आर्थिक सहायता के साथ परिवार के एक सदस्य को नौकरी और पेंशन देने की मांग की जा रही है। फिलहाल मृतक का शव जिला चिकित्सालय में रखा गया है। परिवार के अन्य सदस्यों के पहुंचने के बाद आगे की कार्रवाई और मुआवजे को लेकर निर्णय होने की बात सामने आ रही है।
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20 लाख मुआवजे की चर्चा, एक सदस्य को नौकरी का दावा
घटना के बाद कंपनी की ओर से मृतक के आश्रित परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और पेंशन देने की बात कही जा रही है। हालांकि, मुआवजे और अन्य सहायता को लेकर अभी तक कोई अंतिम आधिकारिक निर्णय स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया है। ऐसे में परिजनों की सहमति और कंपनी की ओर से अंतिम निर्णय के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
अब उठ रहे ये सवाल
- काम के दौरान मजदूर की तबीयत अचानक क्यों बिगड़ी?
- मौत की वास्तविक वजह क्या रही?
- क्या कंपनी की ओर से सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी?
- परिवार को कितना मुआवजा मिलेगा?
- क्या आश्रित सदस्य को नौकरी और पेंशन मिलेगी?
- इन सवालों के जवाब कंपनी और संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट होंगे।




















