छग में बारिश का रौद्र रूप,28 साल बाद गंगरेल के सभी 14 गेट खुले,सैकड़ों गांव बाढ़ की चपेट में

प्रेम कुमार,रायपुर: छत्तीसगढ़ में लगातार तीसरे दिन भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बस्तर, रायपुर और दुर्ग संभाग में अतिवृष्टि के चलते नदियां उफान पर हैं। बस्तर में इंद्रावती और सबरी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। धमतरी के गंगरेल बांध के सभी 14 गेट करीब 28 साल बाद खोले गए हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में SDRF की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।
28 साल बाद गंगरेल के सभी गेट खुले
धमतरी स्थित गंगरेल बांध से ढाई लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। लगातार बारिश और जलभराव को देखते हुए बांध के सभी 14 गेट खोलने पड़े हैं। लंबे अंतराल के बाद एक साथ सभी गेट खुलने से नदी किनारे के इलाकों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।

यह भी पढ़ें: आज फिर मौसम का पलटवार, 15 राज्यों में बारिश का अलर्ट; 85 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
बस्तर में बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें
बस्तर संभाग में बारिश का सबसे ज्यादा असर दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में नदियां और नाले उफान पर हैं। इंद्रावती और सबरी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बस्तर जिले में करीब 250 मिमी तक बारिश दर्ज होने से निचले इलाकों में पानी भर गया है।
दर्जनभर गांवों से ग्रामीणों का रेस्क्यू
नगरनार क्षेत्र के भेजापदर, तोकापाल के घाट धनोरा सहित एक दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ में फंसे लोगों को SDRF की टीमों ने सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू किए गए ग्रामीणों को राहत शिविरों में भेजा गया है। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही हैं।
यह भी पढ़ें: मानव तस्करी नेटवर्क का बड़ा खुलासा, दो राज्यों में 10 ठिकानों पर पुलिस की दबिश, 3 आरोपियों से 1.40 करोड़ जब्त
300 से ज्यादा गांवों पर बाढ़ का असर
ओडिशा में इंद्रावती नदी पर बने खातीगुड़ा बांध और इसकी सहायक नदी मुरान पर बने बांध के गेट खोले जाने के बाद छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों में भी पानी का दबाव बढ़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक 300 से अधिक गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं और कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है।

NH-30 और NH-63 पर यातायात बाधित
लगातार बारिश का असर सड़क परिवहन पर भी पड़ा है। रायपुर-कोंटा राष्ट्रीय राजमार्ग-30 और जगदलपुर-बीजापुर-भोपालपत्तनम राष्ट्रीय राजमार्ग-63 पर कई जगह यातायात बाधित हुआ है। जलभराव और क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यह भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ में बढ़ेगी हवाई कनेक्टिविटी, रायपुर से अंबिकापुर होते हुए वाराणसी की फ्लाइट का प्रस्ताव,
भूस्खलन से रेललाइन प्रभावित, ट्रेनें रद्द
किरंदुल-कोत्तावालसा रेललाइन के कोरापुट रेलखंड में चार स्थानों पर भूस्खलन से रेलमार्ग प्रभावित हुआ है। इसके चलते ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया है। रेल संपर्क बहाल करने में तीन से चार दिन लगने की संभावना बताई गई है। प्रभावित रूट की सभी ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं।
फ्लाइट सेवा भी दो दिन से प्रभावित
खराब मौसम और क्षेत्र में बने हालात का असर हवाई कनेक्टिविटी पर भी पड़ा है। हैदराबाद-जगदलपुर-रायपुर फ्लाइट सेवा लगातार दो दिनों से प्रभावित बताई जा रही है। इससे बस्तर आने-जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ BJP में हुआ बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, कर्मवीर बने संगठन महामंत्री
सुकमा-बीजापुर-बस्तर में सबसे ज्यादा असर
कोंटा से लेकर जगदलपुर की निचली बस्तियों तक जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कई घरों में पानी घुसने और मकानों के डूबने की सूचना है। सुकमा, बीजापुर और बस्तर जिले बारिश और बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं। बस्तर में 100 से अधिक मकानों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है।
रायपुर में 110 मिमी बारिश
राजधानी रायपुर में भी लगातार बारिश का असर देखने को मिला। शहर में करीब 110 मिमी बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हुईं और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही।
यह भी पढ़ें: स्मृति ईरानी के नाम पर भाजपा कांग्रेस में छिड़ा पोस्टर वार
राजनांदगांव में झांकी का कार्यक्रम टला
बारिश और मौसम की खराब स्थिति को देखते हुए राजनांदगांव में 25 सितंबर को प्रस्तावित झांकी का आयोजन एक दिन के लिए टाल दिया गया। लगातार बारिश के बीच प्रशासन और आयोजकों ने कार्यक्रम को लेकर स्थिति का आकलन किया।
आज भी भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार शनिवार को छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी से अतिभारी बारिश के साथ गरज-चमक, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
यह भी पढ़ें: स्मृति ईरानी के नाम पर भाजपा कांग्रेस में छिड़ा पोस्टर वार
रविवार से बारिश की तीव्रता घटने के संकेत
मौसम विभाग के अनुसार रविवार से प्रदेश में बारिश की तीव्रता और इसका क्षेत्र धीरे-धीरे कम होने की संभावना है। हालांकि बाढ़ प्रभावित इलाकों में नदी-नालों का जलस्तर कम होने में समय लग सकता है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।




















