CG NEWS:छत्तीसगढ़ में 1 अगस्त से सरकारी दफ्तरों के बिजली मीटर होंगे प्रीपेड, मोबाइल की तरह पहले करना होगा रिचार्ज

प्रेम कुमार, रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी विभागों के बिजली बिल भुगतान में बढ़ते बकाये पर बड़ी कार्रवाई की है। 1 अगस्त 2026 से प्रदेश के करीब डेढ़ लाख सरकारी बिजली कनेक्शनों को प्रीपेड प्रणाली में बदल दिया जाएगा। अब सभी विभागों को मोबाइल रिचार्ज की तरह पहले एडवांस राशि जमा करनी होगी, तभी बिजली की आपूर्ति जारी रहेगी। सरकार पर करीब 4 हजार करोड़ रुपये के बिजली बकाये के बीच यह नई व्यवस्था लागू की जा रही है।
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छत्तीसगढ़ में बिजली व्यवस्था में बड़ा बदलाव
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी विभागों की बिजली खपत और भुगतान व्यवस्था अब पूरी तरह बदलने जा रही है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) ने 1 अगस्त 2026 से सरकारी कार्यालयों के बिजली कनेक्शनों को प्रीपेड सिस्टम से जोड़ने की तैयारी पूरी कर ली है। इसके बाद सरकारी विभागों को बिजली उपयोग से पहले राशि जमा करनी होगी।
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मोबाइल रिचार्ज की तरह चलेगी बिजली
नई व्यवस्था के तहत सभी सरकारी विभागों को जुलाई के अंत तक अपने पिछले तीन महीने के औसत बिजली बिल के बराबर एडवांस राशि जमा करनी होगी। यह राशि खत्म होने पर विभागों को दोबारा रिचार्ज कराना होगा, तभी बिजली आपूर्ति जारी रहेगी।
4 हजार करोड़ तक पहुंचा बिजली बकाया
बिजली वितरण कंपनी के अनुसार, मई 2026 तक सरकारी विभागों पर करीब 3,500 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया था। जून और जुलाई के बिल जुड़ने के बाद यह राशि लगभग 4,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। लगातार भुगतान नहीं होने के कारण बिजली कंपनी को आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा था।
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पुराना बकाया अलग, नई व्यवस्था अलग
अधिकारियों के मुताबिक जुलाई तक का बकाया अलग रखा जाएगा। इसके बाद 1 अगस्त से बिजली आपूर्ति केवल एडवांस भुगतान के आधार पर होगी। पुराने बकाये का भुगतान राज्य सरकार चरणबद्ध तरीके से किस्तों में करेगी।
डेढ़ लाख सरकारी कनेक्शन होंगे शामिल
पहले इस योजना में केवल ब्लॉक स्तर के लगभग 45 हजार सरकारी बिजली कनेक्शन शामिल किए जाने थे, लेकिन अब इसका दायरा बढ़ाकर करीब 1.50 लाख सरकारी कनेक्शनों तक कर दिया गया है।
हर विभाग को मिला अलग कोड
नई प्रणाली के संचालन के लिए सभी विभागों को अलग-अलग कोड जारी किए गए हैं। भुगतान और समन्वय की जिम्मेदारी के लिए प्रत्येक विभाग में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। जिला स्तर पर विभागों के औसत मासिक बिजली बिल का आकलन कर अग्रिम राशि तय की जा रही है।
तीन दिन का विशेष शिविर शुरू
नई व्यवस्था को लागू करने के लिए संचालनालय में तीन दिवसीय विशेष शिविर लगाया गया है। इसमें अधीक्षण अभियंता मनोज वर्मा, रोशन देवांगन, सीएल साहू और क्षिप्रा देवांगन विभागीय अधिकारियों से समन्वय कर रहे हैं, ताकि तय समय सीमा में सभी विभाग एडवांस राशि जमा कर सकें।
एमडी ने क्या कहा?
सीएसपीडीसीएल के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने बताया कि सभी सरकारी विभागों को कोड आवंटित कर दिए गए हैं। निर्धारित समय के भीतर एडवांस राशि जमा होने के बाद 1 अगस्त से सभी सरकारी बिजली कनेक्शन प्रीपेड प्रणाली के तहत संचालित होंगे।












