Aniruddh Singh
11 Jan 2026
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों को दशहरा और दीपावली से पहले 30 दिन के बोनस का तोहफा दिया है। वित्त मंत्रालय ने 2024-25 के लिए केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (एडहॉक बोनस) की घोषणा कर दी है। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की ओर से जारी आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार सभी पात्र कर्मचारियों को 30 दिन की सैलरी अमाउंट के बराबर राशि बोनस के रूप में दी जाएगी। ग्रुप सी के अंतर्त आने वाले सभी केंद्रीय कर्मचारी इसके लिए पात्र होंगे। इसके साथ ही ग्रुप बी के अंतर्गत आने वाले केंद्र सरकार के ऐसे सभी नॉन गजटेड एंप्लॉयीज जो किसी प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस स्कीम के तहत नहीं आते हैं, उन्हें भी यह बोनस दिया जाएगा।
ग्रुप ‘सी’ के सभी कर्मचारी इस बोनस के दायरे में आएंगे। इसके साथ ही, ग्रुप ‘बी’ वर्ग के वे नॉन-गजटेड कर्मचारी जो किसी प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस योजना से जुड़े नहीं हैं, उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा। सरकार का यह कदम खासतौर पर उन वर्गों को लाभ पहुँचाने के लिए है, जो बोनस से अब तक वंचित रहे थे। यह बोनस केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और रक्षा सेवाओं के पात्र कर्मियों को भी दिया जाएगा। आदेश उन केंद्र शासित प्रदेशों पर भी लागू होगा, जिनके कर्मचारी केंद्र सरकार के वेतन ढांचे का पालन करते हैं और जिन्हें किसी अन्य बोनस या एक्स-ग्रेशिया योजना के अंतर्गत लाभ नहीं मिल रहा। शर्त यह है कि कर्मचारी 31 मार्च 2025 तक सेवा में रहे हों या फिर वित्त वर्ष 2024-25 में कम से कम छह महीने लगातार काम किया हो। जिन कर्मियों ने पूरा साल काम नहीं किया है, उन्हें उनकी सेवा अवधि के आधार पर प्रो-राटा हिसाब से बोनस दिया जाएगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसे एड-हॉक कर्मचारी, जिनकी सेवा बिना किसी अवरोध के जारी है, वे भी बोनस के पात्र होंगे। इसके अलावा, कैज़ुअल लेबर जिनकी सेवा पिछले तीन सालों में नियमानुसार जारी रही है, उन्हें भी बोनस मिलेगा। 29 सितंबर को जारी आदेश के अनुसार, एडहॉक बोनस की गणना करते समय अधिकतम वेतन सीमा 7000 रुपए मासिक मानी जाएगी। इसका मतलब है कि बोनस की राशि कर्मचारी की वास्तविक औसत सैलरी या 7000 रुपए जो भी कम हो, के आधार पर निकाली जाएगी।
इसे उदाहरण में समझें तो यदि किसी कर्मचारी का मासिक वेतन 7000 रुपए है, तो उसका 30 दिन का बोनस करीब 6907.89 रुपए बनेगा। गणना का तरीका यह होगा कि कर्मचारी को पूरे वर्ष मिली औसत सैलरी को 30.4 (एक माह के औसत दिनों की संख्या) से विभाजित किया जाएगा। इसके बाद, परिणाम को बोनस के तय दिनों (30 दिन) से गुणा कर अंतिम राशि निर्धारित की जाएगी।