Budget 2026 :बंट गया हलवा, अब आम कर्मचारियों से अलग रहेंगे वित्त मंत्रालय के वे खास अफसर

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को पारंपरिक हलवा समारोह में भाग लिया। यह एक फरवरी को लोकसभा में पेश किए जाने वाले आम बजट 2026-27 की तैयारी के अंतिम चरण का प्रतीक है।
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बंट गया हलवा, अब आम कर्मचारियों से अलग रहेंगे वित्त मंत्रालय के वे खास अफसर
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पारंपरिक हलवा समारोह में भागीदारी की। यह समारोह रायसीना हिल्स स्थित नॉर्थ ब्लॉक में आयोजित किया गया, जो वित्त मंत्रालय का पुराना पता है। यह बजट से पहले होने वाला सालाना समारोह है, जिसमें पारंपरिक मिठाई 'हलवा' तैयार की जाती है और वित्त मंत्रालय के उन अधिकारियों और कर्मचारियों को परोसी जाती है जो बजट तैयार करने के काम में शामिल होते हैं। 

    बजट प्रेस पहुंचीं वित्त मंत्री

    एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि हलवा समारोह आम बजट तैयार करने में शामिल अधिकारियों के बाकी लोगों से अलग होने की प्रक्रिया से ठीक पहले होता है। परंपरा को बरकरार रखते हुए इसका आयोजन नॉर्थ ब्लॉक के भूतल में किया गया, जिसमें वित्त मंत्री और अन्य उच्च पदस्थ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। समारोह के तहत केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट प्रेस का दौरा भी किया और तैयारियों की समीक्षा की। साथ ही पूरी बजट टीम को अपनी शुभकामनाएं दीं। हलवा समारोह में वित्त मंत्री के साथ वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले सभी विभागों के सचिव और बजट तैयारी में शामिल अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। 

    डिजिटल रूप में होगा बजट

    पिछले पांच पूर्ण केंद्रीय बजट और एक अंतरिम बजट की तरह, 2026-27 का पूर्ण केंद्रीय बजट भी कागज रहित यानी डिजिटल रूप में होगा। वार्षिक वित्तीय विवरण जिसे बजट के रूप में जाना जाता है अनुदान मांगें, वित्त विधेयक आदि सहित केंद्रीय बजट के सभी दस्तावेज 'केंद्रीय बजट मोबाइल ऐप' पर उपलब्ध होंगे।

    बजट पेश होने तक रहेंगे नॉर्थ ब्लॉक में

    दरअसल 'हलवा' समारोह केंद्र सरकार के बजट की तैयारी में शामिल वित्त मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को अलग रखने की प्रक्रिया है। यानी बाहर की दुनिया से वे पूरी तरह अलग-थलग होते हैं। ये अधिकारी और कर्मचारी संसद में बजट पेश होने तक नॉर्थ ब्लॉक के 'बेसमेंट' में ही रहते हैं। जहां पूरी गोपनीयता रखी जाती है। वित्त मंत्री के लोकसभा में अपना बजट भाषण पूरा करने के बाद ही वे बाहर आते हैं। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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