भोपाल। प्रदेश में टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में पिछले साल हुई घटनाओं को लेकर प्रदेश सरकार ने चिंता जताई है। मंगलवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में टाइगर रिजर्व के बफर जोन को सुरक्षित बनाने के लिए 390 करोड़ की योजना मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत की गई। यह जानकारी एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने कैबिनेट बैठक के बाद दी।
मंत्री काश्यप ने बताया कि 2022 की एक योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को विदेश में रोजगार दिलाने की दिशा में प्रबंध का खर्च वहन सरकार करती है। इस योजना का नाम बदला गया है। अब इसका नाम 'ओबीसी के युवाओं के लिए विदेश रोजगार नियोजन' योजना रखा गया है। इसमें महत्वपूर्ण बदलाव यह किया गया है कि पहले इसमें सिर्फ जापान के लिए प्रावधान था, अब किसी भी देश में भी युवा जाता है तो उसके आने-जाने की प्रतिपूर्ति सरकार द्वारा की जाएगी। इस योजना के तहत 600 बच्चे विदेश जाएंगे, इसके लिए 45 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
कैबिनेट ने पचमढ़ी के विकास के लिए महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी। पिछले साल पचमढ़ी क्षेत्र के विकास को लेकर निर्णय हुआ था, उसमें सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कुछ समस्या बताई गई थीं। कुछ नदियां, नाले छूट गईं थी उनको मिलकार साडा क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। खसरे खाते बदलकर योजना को बढ़ाने का अनुमोदन मंत्रिमंडल ने किया है। पचमढ़ी 395.931 हेक्टेयर में बसा है। अब साडा क्षेत्र विकास की योजना बना पाएगा। मंत्रिमंडल में जो निर्णय हुआ है उसे सुप्रीम कोर्ट में पेश किया जाएगा।
मंत्रिपरिषद द्वारा जल संसाधन विभाग की दो परियोजना स्वीकृत की गई है। तवा परियोजना की दायीं तट की ओर बागरा शाखा के लिफ्ट माध्यम से सोहागपुर और बाबई को लिफ्ट इरिगेशन से पानी दिया जाएगा। पिपरिया से सोहागपुर को पानी दिया जाएगा। एक योजना से 4200 और दूसरी योजना से 6 हजार हेक्टेयर में पानी दिया जाएगा। इस तरह 10200 हेक्टेयर में सिंचाई बढ़ेगी। वर्तमान में नर्मदापुरम जिले में 71 प्रतिशत सिंचित क्षेत्र है जो लगभग 82 प्रतिशत तक बढ़ेगा। इन योजनाओं की लागत 215 करोड़ रुपए है। इसमें 63 गांवों के किसान लाभान्वित होंगे।
विभिन्न विभागों की 15 योजनाओं को निरंतर रखने का निर्णय लिया गया है। पूर्व स्वीकृत हैं योजनाएं। शुल्क की प्रतिपूर्ति, परीक्षा के प्रशिक्षण, स्काडट गाइड, मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन योजना आदि योजनाएं हैं। इसके साथ ही राजस्व विभाग के कार्यालय एवं आवासीय निर्माण की अनुमति दी गई है।