नई दिल्ली। बजट सत्र से पहले कांग्रेस ने सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर ली है। मंगलवार, 27 जनवरी 2026 को कांग्रेस के पार्लियामेंट्री स्ट्रैटेजी ग्रुप की अहम बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने की। इस बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष व पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पी. चिदंबरम, जयराम रमेश, नासिर हुसैन, मानिक टैगोर और मनीष तिवारी समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। वहीं इसमें चर्चा का फोकस दोनों सदनों में फ्लोर मैनेजमेंट और विपक्ष के बीच बेहतर समन्वय पर रहा।
SIR, अरावली पर्वतमाला का मुद्दा अठाएगा विपक्ष
बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा में सचेतक नासिर हुसैन ने बताया कि पार्टी बजट सत्र में मनरेगा, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), अरावली से जुड़े पर्यावरणीय मुद्दे, विदेश नीति, बेरोजगारी, महंगाई, पीने के साफ पानी और देश की आर्थिक स्थिति जैसे सवालों को प्रमुखता से उठाएगी।
28 जनवरी को 'फ्लोर लीडर्स' की बड़ी बैठक
सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने इन मुद्दों को आक्रामक ढंग से उठाने पर जोर दिया, ताकि आम लोगों की चिंताएं संसद के केंद्र में रहें। विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने के लिए 28 जनवरी को इंडिया गठबंधन के फ्लोर लीडर्स की बैठक भी बुलाई गई है, जो मल्लिकार्जुन खरगे के संसद स्थित कार्यालय में होगी।
राष्ट्रपति के अभिभाषण से शुरू होगा बजट सत्र
इधर, बजट सत्र का पहला चरण 28 जनवरी से शुरू होगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी। 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट पेश होगा, जबकि सत्र का पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा, जिसमें राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और बजट पर चर्चा होगी। जिसमे सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के बीच तीखी बहस देखने को मिलेगी।



















