Aakash Waghmare
27 Jan 2026
श्रीगंगानगर। राजस्थान में जोधपुर में उजागर हुए 1100 करोड़ रुपए की विशाल साइबर ठगी रैकेट के मामले की जांच अब श्रीगंगानगर की साइबर थाना पुलिस द्वारा की जाएगी। यह मामला श्रीगंगानगर जिले से जुड़ा पाया गया है, जिसमें अनूपगढ़ निवासी सुनील कुमार को मुख्य आरोपी के रूप में नामजद किया गया है। सुनील पर आरोप है कि उसके द्वारा जारी किए गए सिम कार्ड न केवल साइबर ठगों तक पहुंचे, बल्कि कंबोडिया से ठगी के लिए इस्तेमाल किए गए।
सोमवार देर रात श्रीगंगानगर के साइबर थाने में इस संबंध में मामला दर्ज किया गया और जांच की कमान साइबर थाने के कार्यवाहक प्रभारी पुलिस निरीक्षक सतवीर मीणा को सौंपी गई है। सूत्रों ने बताया कि यह
जोधपुर पुलिस ने भारतीय साइबर अपरोध समन्वय केंद्र (ISCOC) की मदद से मामले की जांच की। जांच में पता चला कि सितंबर से नवंबर 2025 के बीच दो लाख 30 हजार संदिग्ध मोबाइल नंबरों में से 36 हजार भारतीय सिम कार्ड कंबोडिया में रोमिंग पर सक्रिय थे। इनमें से 5300 से 5378 सिम कार्डों का इस्तेमाल सीधे ठगी के लिए किया गया, जिससे कुल 1100 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी हुई। यह रैकेट मुख्य रूप से निवेश और व्यापार ठगी पर आधारित था, जिसमें पीड़ितों को फर्जी ऐप्स और कॉल सेंटर्स के जरिए लालच दिया जाता था। ठगी का दायरा 32 राज्यों और केंद्र शासित राज्यों तक फैला हुआ था, जिसमें महाराष्ट्र 1132 सिम से 224 करोड़ नुकसान और तमिलनाडु 756 सिम से कई सौ करोड़ के नुकसान जैसे राज्य प्रमुख हैं।
पहले यह मामला जोधपुर में जीरो नंबर मामले के रूप में दर्ज था, लेकिन जांच में पता चला कि यह सारा रैकेट श्रीगंगानगर जिले से संबंधित है। जोधपुर पुलिस आयुक्तालय के हवलदार रामदयाल द्वारा दी गयी विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर श्रीगंगानगर साइबर थाने में मामला दर्ज किया गया। मुख्य आरोपी अनूपगढ़ क्षेत्र के सुनील कुमार पर आरोप है कि उसने तीन टेलीकॉम से कुछ सिम कार्ड नंबर जारी किए, जो कंबोडिया पहुंचकर ठगी में इस्तेमाल हुए। जोधपुर पुलिस ने अब तक छह भारतीयों को गिरफ्तार किया है, जो सिम कार्ड सप्लाई चेन में शामिल थे।