दावोस। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 की चर्चाओं से साफ हो गया है कि दुनिया इस समय एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बयानों से स्पष्ट होता है कि अमेरिका के नेतृत्व वाली पुरानी विश्व व्यवस्था अब कमजोर पड़ रही है। मार्क कार्नी ने कहा यह सिर्फ एक परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह एक टूटन (rupture) है। उनका मतलब यह है कि दशकों से चली आ रही वैश्वीकरण की वह व्यवस्था, जिसमें देश आपसी व्यापार, सप्लाई चेन और वित्तीय सहयोग के जरिए जुड़े थे, अब खत्म हो रही है। आज वही व्यापार, सप्लाई चेन और वित्तीय ताकतें दबाव बनाने और दूसरों को मजबूर करने के औजार बन गई हैं। उन्होंने कहा कि WTO और संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्थाएं, जो कभी वैश्विक सहयोग की रीढ़ हुआ करती थीं, अब पहले जितनी प्रभावी नहीं रहीं। कार्नी ने आगाह किया कि अगर दुनिया किलों में बदल गई, यानि हर देश केवल अपने बारे में सोचने लगा तो पूरी दुनिया आज की तुलना में कहीं ज्यादा गरीब और अस्थिर हो जाएगी।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी अपने संबोधन में व्यंग्य के साथ कहा कि दुनिया शांति और स्थिरता के दौर में है, जबकि सच्चाई इसके उलट है। उन्होंने बताया कि 2024 में 60 से अधिक युद्ध हुए, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। इमैनुएल मैक्रों ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए चेतावनी दी कि दुनिया नियमों के बिना आगे बढ़ रही है, जहां अंतरराष्ट्रीय कानून को कुचला जा रहा है और सिर्फ ताकतवर की बात मानी जाती है। उन्होंने नए साम्राज्यवाद और एकतरफा फैसलों के खिलाफ चेतावनी दी और कहा कि वैश्विक समस्याओं का हल सहयोग से ही निकल सकता है, न कि धमकी और दबाव से। उन्होंने कहा मौजूदा दौर में समझदारी से आगे बढ़ने की जरूरत है, नहीं तो आगे स्थितियां और जटिल हो जाएंगी।
व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का विशेष विमान एयर फोर्स वन स्विटजरलैंड के लिए उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एक मामूली इलेक्ट्रिकल समस्या सामने आने पर एहतियातन वॉशिंगटन लौट आया। फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक विमान ने जॉइंट बेस एंड्रयूज़ की ओर यू-टर्न लिया। अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप और उनकी टीम एक अन्य विमान से दावोस के लिए रवाना होंगे और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में तय कार्यक्रम के अनुसार हिस्सा लेंगे। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के इतर प्रमुख वैश्विक कारोबारी हस्तियों से मुलाकात करने वाले हैं। इस बैठक में कई प्रमुख भारतीय उद्योगपति भी शामिल होंगे। यह छह सालों में ट्रंप की पहली दावोस यात्रा का हिस्सा है।
बैठक में टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन, भारती एंटरप्राइजेज के सुनील भारती मित्तल, इंफोसिस के सीईओ सलिल पारेख और महिंद्रा समूह के सीईओ अनिश शाह जैसे दिग्गज कारोबारी शामिल होंगे। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में 100 से अधिक भारतीय सीईओ हिस्सा ले रहे हैं, जो वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत कॉरपोरेट उपस्थिति दिखाती है। यह बातचीत ऐसे समय हो रही है जब भारतीय निर्यातक अमेरिकी टैरिफ के लगातार दबाव और आईटी सेक्टर को प्रभावित करने वाले H-1B वीजा नियमों की सख्ती का सामना कर रहे हैं। भारत और अमेरिका के बीच नए आर्थिक ढांचे पर बातचीत चल रही है। भारतीय कारोबारी इस बैठक में यह समझने का प्रयास करेंगे कि भारत-अमेरिका व्यापार संबंध किस दिशा में आगे बढ़ृने वाले हैं।
भारत इस मंच पर मजबूत उपस्थिति के साथ उभरा है। केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान गूगल क्लाउड के सीईओ थॉमस कुरियन से मुलाकात की। इस दौरान गूगल ने भारत के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इकोसिस्टम के प्रति अपनी बढ़ती प्रतिबद्धता को दोहराया, जिसमें विशाखापत्तनम (विजाग) में 15 अरब डॉलर के एआई डेटा सेंटर में निवेश भी शामिल है। इसके अलावा अश्विनी वैष्णव ने सेमीकंडक्टर कंपनियों के सीईओ की एक गोलमेज बैठक में भी हिस्सा लिया, जहां उन्होंने भारत में एक संपूर्ण सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने के प्रयासों पर जोर दिया।