बोइंग कंपनी के 3,200 कर्मचारी हड़ताल पर, फाइटर जेट्स और डिफेंस सिस्टम का काम ठप, इंक्रीमेंट के प्रस्ताव को नकारा

अमेरिका की दिग्गज एयरोस्पेस कंपनी बोइंग (Boeing) इन दिनों गंभीर संकट का सामना कर रही है। कंपनी के करीब 3,200 कर्मचारी रविवार रात से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। ये कर्मचारी मुख्य रूप से फाइटर जेट, मिसाइल और अन्य रक्षा उपकरणों के निर्माण और रखरखाव से जुड़े हैं। हड़ताल के चलते बोइंग की उत्पादन इकाइयों में काम पूरी तरह ठप हो गया है।
लेबर कॉन्ट्रैक्ट को लेकर नहीं बनी सहमति
हड़ताल की मुख्य वजह लेबर कॉन्ट्रैक्ट पर सहमति न बन पाना है। कर्मचारियों का कहना है कि वे रक्षा सुरक्षा के लिए अत्यंत जरूरी विमान और सिस्टम बनाते हैं, इसलिए उन्हें आर्थिक सुरक्षा और पेशेवर सम्मान मिलना चाहिए। यूनियन प्रतिनिधियों ने कहा- “हम सिर्फ तनख्वाह नहीं मांग रहे, हम सम्मान और स्थायित्व की गारंटी चाहते हैं।"

कर्मचारियों ने 40% वेतन वृद्धि का प्रस्ताव भी ठुकराया
कर्मचारियों ने पहले 4 साल में 20% सैलरी हाइक और बेहतर मेडिकल-पेंशन पैकेज वाला ऑफर ठुकरा दिया था। इसके बाद बोइंग ने 'कूलिंग ऑफ पीरियड' के बाद संशोधित प्रस्ताव पेश किया, जिसमें: औसतन 40% वेतन वृद्धि, ऑप्शनल वर्क शेड्यूल, बेहतर ओवरटाइम और पेंशन बेनिफिट्स शामिल थे। लेकिन कर्मचारियों ने यह प्रस्ताव भी ठुकरा दिया। यूनियन का कहना है कि यह "कमज़ोर समझौता" है और कर्मचारियों की वास्तविक जरूरतें पूरी नहीं करता।

बोइंग के 7,000 फाइटर जेट ऑर्डर पर संकट
बोइंग के पास करीब 7,000 फाइटर जेट्स के ऑर्डर हैं, जिन्हें अगले दो वर्षों में डिलीवर करना है। लेकिन मौजूदा हड़ताल से यह टारगेट खतरे में पड़ सकता है। कंपनी ने माना है कि अगर हड़ताल लंबी चली, तो उत्पादन, सप्लाई और वित्तीय प्रदर्शन पर गहरा असर पड़ेगा।
बोइंग की प्रतिक्रिया, निराशा के बावजूद वैकल्पिक योजना तैयार
बोइंग एयर डोमिनेंस के वाइस प्रेसिडेंट डैन गिलियन ने बयान जारी कर कहा- “हम इस बात से निराश हैं कि यूनियन ने 40% औसत वेतन वृद्धि और वैकल्पिक वर्क शेड्यूल जैसे प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया है। गिलियन ने कहा कि कंपनी हड़ताल के लिए पूरी तरह तैयार है और अपने ग्राहकों को सपोर्ट करने के लिए आकस्मिक योजना लागू कर चुके हैं।” बोइंग ने साफ किया है कि वह गैर-हड़ताली कर्मचारियों के साथ संचालन जारी रखेगी।
पहले भी लंबी हड़तालों से गुजर चुकी है कंपनी
बोइंग के इतिहास में यह कोई नई स्थिति नहीं है। इससे पहले 2024 में सिएटल स्थित यूनिट में करीब 33,000 कर्मचारी 7 सप्ताह तक हड़ताल पर रहे थे। उस समय समझौता 38 प्रतिशत वेतन वृद्धि के आधार पर हुआ था। इससे पहले 1996 में कंपनी को सेंट लुइस में 99 दिन की सबसे लंबी हड़ताल का सामना करना पड़ा था।
इस बार भी यूनियन और कंपनी के बीच वार्ता बंद हो चुकी है और दोनों अपने-अपने रुख पर कायम हैं। यदि कोई नया समझौता नहीं होता, तो यह हड़ताल और लंबी चल सकती है।
बोइंग दुनिया की सबसे बड़ी एयरोस्पेस कंपनी
बोइंग की स्थापना 1916 में हुई थी और यह आज दुनिया की सबसे बड़ी एयरोस्पेस और रक्षा कंपनियों में से एक मानी जाती है। कंपनी का मुख्यालय अमेरिका के शिकागो में स्थित है। बोइंग के लोकप्रिय उत्पादों में 737, 747, 787 जैसे कमर्शियल जेट्स, फाइटर जेट्स, मिसाइल सिस्टम, सैटेलाइट और अंतरिक्ष से जुड़े उपकरण शामिल हैं। इसके ग्राहक अमेरिका की सेना, अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस और अंतरिक्ष एजेंसियां हैं।












