Naresh Bhagoria
29 Jan 2026
नई दिल्ली। शुक्रवार को देश और दुनिया के बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट देखने को मिली। यह गिरावट पिछले कुछ महीनों में एक ही दिन की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। दरअसल, बीते दिनों में कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थीं, जिसके बाद निवेशकों ने मुनाफा कमाने के लिए तेजी से बिकवाली शुरू कर दी। कमजोर वैश्विक संकेतों और अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने भी कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा दिया।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में मार्च डिलिवरी वाली चांदी का वायदा भाव करीब 17 प्रतिशत गिरकर 3.32 लाख रुपए प्रति किलोग्राम रह गया। यह चांदी में एक दिन की अब तक की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। एक दिन पहले ही चांदी की कीमत 4.20 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंची थी। वहीं सोने की बात करें तो फरवरी डिलिवरी वाले सोने के वायदा भाव में भी करीब नौ प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 1.54 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया। गुरुवार को सोना भी 1.80 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के नए शिखर पर पहुंचा था।
विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी तेज गिरावट की मुख्य वजह भारी मुनाफावसूली है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के जिंस विश्लेषक मानव मोदी के अनुसार, चांदी और सोने ने सभी तरह के अनुबंधों में निचला सर्किट छू लिया। घरेलू बाजारों में सोने और चांदी से जुड़े एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) में भी 20 प्रतिशत तक की गिरावट आई है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कीमती धातुओं में भारी गिरावट देखी गई। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अगले प्रमुख को लेकर अटकलों के बीच डॉलर मजबूत हुआ है, जिससे सोने-चांदी पर दबाव बढ़ा। कॉमेक्स बाजार में चांदी और सोने के वायदा भाव अपने रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे आ गए। डॉलर इंडेक्स में बढ़त के चलते निवेशक सुरक्षित माने जाने वाले धातुओं से दूरी बनाते दिखे। कुल मिलाकर, वैश्विक और घरेलू दोनों कारणों से कीमती धातुओं में यह बड़ी गिरावट देखने को मिली।