बिलासपुर में सस्पेंडेड कॉन्स्टेबल ने ही रची घर में चोरी की साजिश, नशे के लिए दोस्तों संग उड़ाए जेवर

रायपुर/ बिलासपुर: बिलासपुर में चोरी की एक वारदात ने पुलिस को भी चौंका दिया। सकरी थाना क्षेत्र में घर से सोने-चांदी के जेवर और नगदी चोरी होने के मामले की जांच में सामने आया कि वारदात किसी बाहरी चोर ने नहीं, बल्कि घर के ही सदस्य ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर रची थी। आरोपी आशीष मिश्रा पुलिस विभाग में आरक्षक रह चुका है और फिलहाल निलंबित है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी का माल और वारदात में इस्तेमाल बुलेट बाइक बरामद की है।
घर में ताला टूटा, लाखों का सामान गायब
सकरी थाना क्षेत्र की सागरदीप कॉलोनी में रहने वाली वृंदावती मिश्रा तीज पर्व मनाने अपने पैतृक गांव रीवा गई थीं। इसी दौरान उनके घर के कमरे में रखी अलमारी और लॉकर का ताला टूटा मिला। परिजनों से सूचना मिलने के बाद वृंदावती बिलासपुर पहुंचीं। घर की जांच करने पर अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवर और नगदी गायब मिले। इसके बाद उन्होंने सकरी थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

करीबियों पर शक, फिर बेटे तक पहुंची पुलिस
चोरी की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। घर और परिवार से जुड़े लोगों के साथ-साथ आसपास के संदिग्धों से पूछताछ की गई। जांच के दौरान पुलिस को घर के सदस्य आशीष मिश्रा की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पुलिस के मुताबिक, चोरी के दौरान आशीष घर पर ही मौजूद था। इसके बाद जांच में मिले सुरागों के आधार पर पुलिस का संदेह उस पर गहराता चला गया।
दोस्तों के साथ मिलकर बनाया था पूरा प्लान
पुलिस ने संदेह के आधार पर आशीष मिश्रा (31) से पूछताछ की। इसके अलावा उसके दोस्त सूरज सिंह ठाकुर उर्फ मोना (27), निवासी 27 खोली, सिविल लाइन और अनुराग चौधरी उर्फ लालू (23), निवासी उसलापुर से भी पूछताछ की गई। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आशीष को घर में रखे जेवर और नगदी की पूरी जानकारी थी। आरोप है कि उसने अपने दोनों दोस्तों के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई और मौका देखकर घर से जेवर व नगदी पार कर दी।

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चोरी के जेवर और बुलेट बाइक जब्त
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से चोरी के जेवर बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई बुलेट बाइक भी पुलिस ने जब्त की है। तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पिता की जगह मिली थी अनुकंपा नियुक्ति
CSP परमेश्वर तिलकवार के मुताबिक, आरोपी आशीष मिश्रा पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर पदस्थ था। उसे अपने पिता के स्थान पर अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। पुलिस के अनुसार, काम में लापरवाही और नशे की आदत के चलते वह वर्तमान में निलंबित चल रहा है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि नशे की जरूरत पूरी करने के लिए चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया।

अच्छे परिवार से हैं आरोपी, पुरानी वारदातों की भी जांच
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी स्थानीय स्तर पर अच्छे परिवारों से बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद तीनों ने मिलकर परिचित के घर को ही निशाना बनाया। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों का इससे पहले किसी अन्य चोरी या आपराधिक वारदात में हाथ तो नहीं रहा है। इसके लिए उनके पुराने रिकॉर्ड और गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
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पुलिस की जांच जारी
बिलासपुर पुलिस अब चोरी के पूरे घटनाक्रम, बरामद माल और आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड को लेकर आगे की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि चोरी किए गए सामान में कितना माल बरामद हो चुका है और किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है।




















