PIMS में आरक्षण पर छात्र संसद 2026 का आयोजन, छात्रों ने खुलकर रखे अपने विचार

भोपाल। पीपुल्स यूनिवर्सिटी में आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय पर छात्र संसद 2026 का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अनहद मीडिया लैब्स ने पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज के सहयोग से आयोजित किया। कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया जबकि पीपुल्स यूनिवर्सिटी के विभिन्न विभागों के साथ अन्य स्कूल-कॉलेजों के छात्र भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि भोपाल महापौर मालती राय रहीं। उनका स्वागत पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज की प्रिंसिपल डॉ. तसनीम खान ने पुष्पगुच्छ भेंट कर किया।

विशेषज्ञों ने रखे अपने विचार
छात्र संसद में आरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में प्रशासन, शिक्षा, राजनीति, सामाजिक संगठनों और कानून के क्षेत्र से जुड़े कई विशेषज्ञ वक्ताओं ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर एडीजी अरुणा मोहन राव, एसोसिएशन ऑफ ऑल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन एवं राज्य विनिर्माण परिषद FICCI के चेयरमैन डॉ. राजीव अग्रवाल, IAS अजय गंगवार, सवर्ण समाज पार्टी की अध्यक्ष अर्चना श्रीवास्तव, एडवोकेट सिद्धार्थ गुप्ता और अखिल भारतीय OBC महासभा के अध्यक्ष ललित कुमार गौड़ सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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छात्रों ने खुलकर रखी अपनी बात
छात्र संसद का मुख्य उद्देश्य छात्रों को आरक्षण जैसे सामाजिक और नीतिगत विषय पर अपनी बात रखने के लिए मंच उपलब्ध कराना रहा। कार्यक्रम में पीपुल्स यूनिवर्सिटी के अलग-अलग विभागों के छात्रों के साथ कई अन्य स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थियों ने भी सक्रिय भागीदारी की। छात्रों ने आरक्षण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार रखे और चर्चा में हिस्सा लिया। इस दौरान विद्यार्थियों को अलग-अलग दृष्टिकोण सुनने और विषय को व्यापक नजरिए से समझने का अवसर मिला।
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संवाद और विचार-विमर्श पर रहा जोर
आयोजन के दौरान आरक्षण को लेकर सामाजिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक पहलुओं पर संवाद हुआ। विशेषज्ञ वक्ताओं ने अपने अनुभव और विचार छात्रों के सामने रखे, वहीं विद्यार्थियों ने भी सवालों और अपनी बात के जरिए चर्चा में भागीदारी की। आयोजकों के अनुसार, इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों पर विचार रखने, सवाल पूछने और अलग-अलग मतों को समझने के लिए एक लोकतांत्रिक मंच उपलब्ध कराना है। छात्र संसद 2026 में छात्रों की बड़ी भागीदारी ने कार्यक्रम को खास बनाया। आरक्षण जैसे विषय पर खुले संवाद के जरिए विद्यार्थियों को अपने विचार व्यक्त करने और विषय से जुड़े अलग-अलग पक्षों को समझने का अवसर मिला।





















