महारानी दशा माता की भव्य चुनरी यात्रा से भक्तिमय हुआ बेटमा, जयकारों से गूंजा नगर

बेटमा में शुक्रवार को धार्मिक आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। महारानी दशा माता की भव्य चुनरी यात्रा एवं नगर भ्रमण श्रद्धा, उत्साह और भक्तिमय वातावरण के बीच निकाला गया। यात्रा में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा और बच्चे शामिल हुए। माता रानी के जयकारों और भक्ति गीतों से पूरा बेटमा नगर गूंज उठा। यात्रा जैसे-जैसे नगर के प्रमुख मार्गों से आगे बढ़ी, श्रद्धालुओं का उत्साह भी बढ़ता गया।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल
महारानी दशा माता की चुनरी यात्रा में बेटमा सहित आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। महिलाएं विशेष उत्साह के साथ यात्रा में शामिल हुईं। श्रद्धालु माता के जयकारे लगाते हुए और भक्ति गीतों पर झूमते हुए यात्रा के साथ आगे बढ़ते रहे। यात्रा के दौरान प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई। माता रानी के दर्शन के लिए लोग सड़क के दोनों ओर खड़े रहे और यात्रा का स्वागत किया।
जगह-जगह पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत
नगर भ्रमण के दौरान कई स्थानों पर रहवासियों और श्रद्धालुओं ने महारानी दशा माता का भव्य स्वागत किया। जगह-जगह माता रानी पर पुष्पवर्षा की गई। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने माता की आरती उतारी और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। लोगों ने अपने परिवार, नगर और क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए माता से प्रार्थना की।
जय माता दी के जयकारों से गूंजा नगर
चुनरी यात्रा के दौरान लगातार लग रहे ‘जय माता दी’ और महारानी दशा माता के जयकारों से बेटमा का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। भक्ति गीतों के बीच महिला, पुरुष और युवा श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ यात्रा में शामिल रहे। माता रानी के दर्शन और आशीर्वाद के लिए लोगों में खास उत्साह देखने को मिला।
आस्था और परंपरा का दिखा संगम
महारानी दशा माता की चुनरी यात्रा ने बेटमा की धार्मिक आस्था और परंपरा को भी सामने रखा। आयोजन में नगर के हर वर्ग के लोगों की सहभागिता रही। श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ यात्रा में शामिल होकर अपनी आस्था प्रकट की। जगह-जगह हुए स्वागत, आरती, पूजा-अर्चना और पुष्पवर्षा ने पूरे आयोजन को और भव्य बना दिया।
अन्नपूर्णा माता मंदिर में हुआ समापन
नगर भ्रमण के बाद महारानी दशा माता की चुनरी यात्रा का बेटमा स्थित प्राचीन अन्नपूर्णा माता मंदिर में विधिवत समापन हुआ। मंदिर पहुंचकर श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए और चुनरी अर्पित कर परिवार, समाज और क्षेत्र की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। धार्मिक अनुष्ठानों और माता रानी के जयकारों के बीच यात्रा का समापन हुआ। महारानी दशा माता की यह भव्य चुनरी यात्रा बेटमा नगर को पूरी तरह आस्था और भक्ति के रंग में रंग गई।





















