कश्मीर जैसी वादियां, शिमला जैसी ठंड... तामिया में शुरू हुआ सावन महोत्सव

छिंदवाड़ा के तामिया में सावन महोत्सव का शुभारंभ हुआ। इस दौरान सांसद बंटी विवेक साहू ने कहा कि तामिया का सावन महोत्सव ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सावन के मौसम में तामिया की हरियाली, ठंडा मौसम और प्राकृतिक खूबसूरती पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रही है। उन्होंने कहा कि कश्मीर जैसी खूबसूरती और शिमला जैसी ठंड का आनंद लेना हो तो तामिया जरूर आएं। सावन महोत्सव मेघ, मल्हार और माटी का अनूठा संगम है।
होम स्टे से ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार
सांसद ने कहा कि तामिया और आसपास के पर्यटन गांवों में बने होम स्टे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को पसंद आ रहे हैं। इससे ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि छिंदवाड़ा के अन्य गांवों में भी होम स्टे विकसित किए जाएंगे, ताकि ग्रामीण पर्यटन के साथ स्थानीय लोगों की आय भी बढ़ाई जा सके। महोत्सव के दौरान सांसद बंटी विवेक साहू ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण भी किया।
बारिश और कोहरे के बीच पर्यटकों का उत्साह
सावन महोत्सव के दौरान तामिया में रिमझिम बारिश और कोहरे के बीच पर्यटकों की अच्छी भीड़ देखने को मिल रही है। सावन के झूले लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। महाराष्ट्र, कर्नाटक और मध्यप्रदेश के अलग-अलग शहरों से बड़ी संख्या में पर्यटक तामिया पहुंच रहे हैं और प्राकृतिक नजारों का आनंद ले रहे हैं।
जिले में 57 होम स्टे संचालित
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के डायरेक्टर (कौशल) डीपी सिंह ने जिले में संचालित होम स्टे की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से पर्यटन गांवों में अलग-अलग गतिविधियां कराई जा रही हैं। फिलहाल छिंदवाड़ा जिले में 57 होम स्टे संचालित हैं, जबकि करीब 100 नए होम स्टे तैयार किए जाने हैं। बाकी होम स्टे का काम भी जल्द पूरा किया जाएगा।
आदिवासी कला और स्थानीय उत्पादों की धूम
जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के माध्यम से आयोजित सावन महोत्सव में पर्यटकों के लिए कई आकर्षण तैयार किए गए हैं। सावन के झूलों के साथ यहां आदिवासी कला, हस्तशिल्प और हथकरघा से तैयार वस्तुओं की बिक्री भी की जा रही है।
पर्यटकों को पर्यटन ग्राम सावरवानी का शुद्ध देसी घी और पर्यटन ग्राम चोपना का स्वादिष्ट मावा भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इस तरह तामिया सावन महोत्सव प्राकृतिक पर्यटन के साथ स्थानीय कला, संस्कृति और ग्रामीण उत्पादों को भी बढ़ावा दे रहा है।





















