शादी या तलाक डीड का निष्पादन नहीं कर सकते नोटरी, मप्र स्टेट बार काउंसिल ने जारी की अधिसूचना

जबलपुर। मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल ने प्रदेश के सभी नोटरी अधिवक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करके स्पष्ट किया है कि वे (नोटरी) मैरिज ऑफिसर नहीं होते हैं अत: नोटरी अधिवक्ताओं को विवाह अथवा तलाक से संबंधित किसी भी प्रकार के डीड (दस्तावेज) निष्पादित करने का विधिक अधिकार नहीं है।
नागरिकों से भी जागरूक रहने की अपील
काउंसिल के सचिव आशीष आनंद ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार के विधि मंत्रालय के डिप्टी सेक्रेटरी राजीव कुमार द्वारा जारी अधिसूचना, विभिन्न राज्यों के उच्च न्यायालयों द्वारा पारित निर्णयों तथा नोटरी अधिनियम 1952 के तहत यह स्पष्ट है कि नोटरी को विवाह या तलाक से संबंधित डीड निष्पादित करने का अधिकार प्राप्त नहीं है। काउंसिल ने नागरिकों से जागरूक रहने की अपील की है ताकि वे किसी भ्रम या धोखाधड़ी का शिकार न हों। साथ ही, प्रदेश भर के नोटरी अधिवक्ताओं को भी ऐसे कार्य न करने की हिदायत दी गई है, जिससे वे भविष्य की कानूनी परेशानियों व अनुशासनात्मक कार्रवाई से बच सकें।
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हाईकोर्ट में रहेगी 5 दिनों की छुट्टी, 26 से 30 अगस्त तक रहेगा बंद
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में 26 से 30 अगस्त तक पांच दिनों का अवकाश रहेगा। एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया ने उच्च अधिवक्ता संघ के आग्रह को मंजूर करके 27 अगस्त को छुट्टी का ऐलान किया है। इस छुट्टी के एवज में शनिवार 19 सितंबर को हाईकोर्ट में नियमित कामकाज होगा। इस बारे में शुक्रवार को रजिस्ट्रार जनरल धरमिन्दर सिंह ने आदेश जारी किया है।
बार ने की थी 27 की छुट्टी की मांग
गौरतलब है कि मप्र हाईकोर्ट बार के कार्यवाहक अध्यक्ष अमित जैन ने एक्टिंग चीफ जस्टिस को बीते गुरुवार को एक पत्र भेजा था। पत्र में कहा गया था कि 26 अगस्त को ईद मिलाद-उन-नबी पर्व पर हाईकोर्ट ने अवकाश घोषित किया है। इसके बाद 27 अगस्त को कार्यदिवस रखा गया है, जबकि 28 अगस्त को रक्षाबंधन का अवकाश है और 29 व 30 अगस्त को भी अवकाश रहेगा। लगातार छुट्टियों के बीच मात्र एक दिन 27 अगस्त को कार्यदिवस होने से जबलपुर में रह रहे दूसरे जिले के वकीलों को रक्षाबंधन पर्व पर आवागमन में असुविधा का सामना करना पड़ेगा। पत्र में कहा गया था कि मप्र हाईकोर्ट की प्रिंसिपल बेंच में बड़ी संख्या में ऐसे अधिवक्ता हैं जो जबलपुर से बाहर के जिलों अथवा राज्यों के निवासी हैं। यदि 27 अगस्त को अवकाश घोषित कर दिया जाता है, तो सभी अधिवक्ताओं को कुल 5 दिनों (26 से 30 अगस्त) का संयुक्त अवकाश मिल सकेगा। इससे वे रक्षाबंधन के पावन पर्व पर अपने गृह नगर जाकर परिवार के साथ त्योहार मना सकेंगे।
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