Surajpur:हाथी के हमले में बाइक सवार की दर्दनाक मौत, गुस्साए ग्रामीणों ने 7 घंटे किया चक्काजाम

रायपुर /सूरजपुर: सूरजपुर में हाथी के हमले ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। प्रतापपुर के सिंघरी गांव में दल से बिछड़े हाथी ने दो बाइक सवारों पर हमला कर दिया। हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर करीब सात घंटे तक चक्काजाम किया। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए 20 लाख रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और हाथियों से सुरक्षा की ठोस व्यवस्था की मांग की। प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
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सूरजपुर में हाथी का जानलेवा हमला
सूरजपुर जिले के प्रतापपुर क्षेत्र में हाथी के हमले से एक बाइक सवार की दर्दनाक मौत हो गई। घटना सिंघरी गांव की है, जहां दल से बिछड़े एक हाथी ने दो बाइक सवारों पर अचानक हमला कर दिया। हमले में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि मृतक का सिर धड़ से अलग हो गया। घटना के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया।
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शव सड़क पर रखकर ग्रामीणों का प्रदर्शन
घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने बनारस मार्ग पर पोड़ी चौक के पास शव रखकर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों के प्रदर्शन के चलते सड़क पर कई घंटे तक आवागमन बाधित रहा। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए और वन विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई।
20 लाख मुआवजा और परिवार के सदस्य को नौकरी की मांग
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने वन विभाग पर हाथियों की मौजूदगी और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में मृतक के परिवार को 20 लाख रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और हाथियों से बचाव के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था शामिल रही।
चार थाना-चौकी से पहुंचा पुलिस बल
चक्काजाम की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीएम और तहसीलदार समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को संभालने की कोशिश की। तनाव को देखते हुए चार थाना-चौकी से पुलिस बल भी मौके पर तैनात किया गया।
अधिकारियों से बातचीत के बाद बनी सहमति
ग्रामीण काफी देर तक अपनी मांगों पर अड़े रहे। उनकी मांग थी कि जिला स्तर के अधिकारी मौके पर पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनें। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाइश दी और उनकी मांगों को उचित माध्यम से शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
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मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन के आश्वासन पर खत्म हुआ चक्काजाम
काफी देर तक चली बातचीत के बाद प्रशासन ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने और ग्रामीणों की मांगों को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने करीब 7-8 घंटे बाद चक्काजाम समाप्त कर दिया। प्रदर्शन खत्म होने के बाद बनारस मार्ग पर यातायात फिर सामान्य हो गया।





















