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असम में बाढ़ का कहर:मौतों का आंकड़ा पहुंचा 80, 7 जिलों में डूबे घर

असम में बाढ़ का असर अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और कई जिलों में जनजीवन प्रभावित बना हुआ है। दो और लोगों की मौत के बाद राज्य में बाढ़ से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है। इस बीच राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए ऋण अदायगी में छह महीने की मोहलत देने का फैसला किया है।
मौतों का आंकड़ा पहुंचा 80, 7 जिलों में डूबे घर
असम में बाढ़ का कहर

राज्य के आठ जिलों में 2.12 लाख से अधिक लोग अब भी बाढ़ की चपेट में हैं। प्रशासन राहत शिविरों के माध्यम से हजारों लोगों को सहायता उपलब्ध करा रहा है, जबकि सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियां लगातार बचाव कार्य में जुटी हैं। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए लोन भुगतान में राहत देने और केंद्र सरकार से विशेष सहायता पैकेज की मांग की जानकारी भी दी। सरकार का कहना है कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

दो और मौतों के बाद मृतकों की संख्या 80 हुई

अधिकारियों के अनुसार शिवसागर जिले में दो और लोगों की मौत होने के बाद इस साल आई बाढ़ में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है। फिलहाल गोलाघाट, शिवसागर, विश्वनाथ, चराइदेव, कामरूप (महानगर), जोरहाट, धेमाजी और नौगांव सहित आठ जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। इन जिलों के 21 राजस्व मंडल और 437 गांव बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि कुल 2 लाख 12 हजार 400 लोग प्रभावित बताए गए हैं।

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चराइदेव, शिवसागर और जोरहाट सबसे ज्यादा प्रभावित

बाढ़ का सबसे अधिक असर चराइदेव जिले में देखा जा रहा है, जहां करीब 80 हजार लोग प्रभावित हैं। इसके अलावा शिवसागर में लगभग 71 हजार और जोरहाट में करीब 40 हजार लोग बाढ़ की मार झेल रहे हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि बुधवार की तुलना में स्थिति में कुछ सुधार जरूर हुआ है, लेकिन कई इलाकों में अब भी राहत और बचाव कार्य जारी है।

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राहत शिविरों में हजारों लोगों को मिल रही मदद

प्रशासन चार जिलों में 112 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित कर रहा है, जहां 75 हजार 583 प्रभावित लोगों को शरण दी गई है। भारतीय सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं, पुलिस और अन्य नागरिक एजेंसियां लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों तक जरूरी सहायता पहुंचाने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।

बाढ़ प्रभावितों को छह महीने की आर्थिक सहायता 

मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बताया कि राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की विशेष बैठक में शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों के बाढ़ प्रभावित ऋणधारकों को छह महीने की मोहलत देने का निर्णय लिया गया है। बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक, नाबार्ड, भारतीय स्टेट बैंक और सभी वाणिज्यिक बैंकों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इसके साथ ही जरूरत के अनुसान लोन की अवधि एक वर्ष से बढ़ाकर अधिकतम सात वर्ष तक करने का भी फैसला लिया गया है।

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सीएम हिमंत ने की केंद्र से विशेष सहायता पैकेज की मांग

मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार ने बाढ़ से हुए व्यापक नुकसान को देखते हुए केंद्र सरकार से विशेष सहायता पैकेज की मांग की है। अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम ने हाल ही में बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा कर हालात का जायजा लिया है। राज्य सरकार को उम्मीद है कि केंद्र से मिलने वाली सहायता से राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों को और गति मिलेगी। इसी के साथ प्रभावित परिवारों को जल्द राहत पहुंचाई जा सकेगी।

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...

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