नामांतरण के एवज में 8 हजार की रिश्वत लेते प्राइवेट कर्मचारी गिरफ्तार

जबलपुर। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के क्रम में लोकायुक्त पुलिस जबलपुर की टीम ने गुरुवार को बम्हनी बंजर उप तहसील कार्यालय परिसर में रिश्वत लेते एक निजी कर्मचारी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त मध्यप्रदेश भोपाल योगेश देशमुख के निर्देशन एवं पुलिस उप महानिरीक्षक लोकायुक्त मनोज सिंह के नेतृत्व में की गई। मामले में नायब तहसीलदार अजय श्रीवास्तव और निजी कर्मचारी हरीश सिंगौर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। लोकायुक्त के अनुसार आवेदक रोहणी प्रसाद चंद्रौल, निवासी ग्राम सिल्गी, जिला मंडला ने शिकायत की थी कि उसके पिता झनक लाल के नाम ग्राम सिल्की में कृषि भूमि थी। वसीयतनामा के माध्यम से यह भूमि आवेदक के बेटे आलोक चंद्रौल के नाम की गई थी। भूमि के नामांतरण के लिए आवेदक ने ऑनलाइन आवेदन किया था।
10 हजार रुपए मांगे
इसके बाद नामांतरण आदेश कराने के लिए आवेदक उप तहसील बम्हनी बंजर कार्यालय पहुंचा। आरोप है कि वहां नायब तहसीलदार अजय श्रीवास्तव और उनके बाबू के रूप में काम कर रहे निजी व्यक्ति हरीश सिंगौर द्वारा नामांतरण आदेश के एवज में 10 हजार रुपए रिश्वत की मांग की गई। इसकी शिकायत आवेदक ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय जबलपुर में की। शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपी 8 हजार रुपए रिश्वत लेने के लिए तैयार हो गए। इसके बाद लोकायुक्त टीम ने ट्रेप की योजना बनाई। गुरुवार 17 सितंबर को हरीश सिंगौर को उप तहसील बम्हनी बंजर के कार्यालय परिसर में 8 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया।कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13(1)ई, 13(2) तथा बीएनएस की धारा 61(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है। ट्रेप दल में टीएलओ निरीक्षक शशिकला मुस्कुले, निरीक्षक राहुल गजभिए, निरीक्षक जितेंद्र यादव सहित लोकायुक्त जबलपुर का दल शामिल रहा।




















