Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

मांगों पर बात नहीं बनी तो ट्रैक पर बैठे किसान, पंजाब में कई जगह रेल रोको आंदोलन शुरू

पंजाब में किसान मजदूर मोर्चा से जुड़ी जत्थेबंदियों ने मांगों को लेकर रेल रोको आंदोलन शुरू कर दिया। अमृतसर, गुरदासपुर, फिरोजपुर, मोगा, संगरूर और सुनाम में किसानों ने रेलवे ट्रैक पर धरना दिया। MSP की कानूनी गारंटी, कर्जमाफी, आंदोलन के दौरान हुए नुकसान का मुआवजा और कई अन्य मुद्दों को लेकर किसान सरकार से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मांगों पर बात नहीं बनी तो ट्रैक पर बैठे किसान, पंजाब में कई जगह रेल रोको आंदोलन शुरू
पंजाब में किसान मजदूर मोर्चा से जुड़ी जत्थेबंदियों ने मांगों को लेकर रेल रोको आंदोलन शुरू कर दिया।

पंजाब में अपनी अलग-अलग मांगों को लेकर किसान मजदूर मोर्चा (KMM) से जुड़ी किसान जत्थेबंदियों ने गुरुवार को रेल रोको आंदोलन शुरू कर दिया। किसानों ने अमृतसर, गुरदासपुर, फिरोजपुर, मोगा, संगरूर और सुनाम समेत कई जगहों पर रेलवे ट्रैक पर धरना दिया। इससे इन इलाकों में रेल यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनी।

कई जगह रेलवे ट्रैक पर बैठे किसान

मोगा के महेश्वरी संधूया गांव में KMM से जुड़ी आठ किसान जत्थेबंदियों ने रेलवे ट्रैक पर धरना लगाया। किसानों को ट्रैक तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग और जवानों की तैनाती की थी, लेकिन प्रदर्शनकारी ट्रैक तक पहुंच गए। मौके पर किसानों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। किसान पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

सरकार को पहले दिया गया था समय

किसान मजदूर मोर्चा की ओर से पंजाब सरकार को 17 सितंबर दोपहर 12 बजे तक मांगों पर ठोस कदम उठाने का समय दिया गया था। मोर्चे का कहना था कि मांगों को लेकर पहले सरकार को पत्र और ज्ञापन दिए गए, लेकिन बातचीत को लेकर कोई ठोस पहल नहीं हुई। इसके बाद आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया। इससे पहले किसान संगठन कई मंत्रियों के घरों के बाहर भी धरना दे चुके हैं। अब रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन के साथ आंदोलन का अगला चरण शुरू हुआ है।

MSP और कर्जमाफी समेत कई मांगें

किसानों की मांगों में फसलों की MSP पर कानूनी गारंटी और सरकारी खरीद का मुद्दा प्रमुख है। इसके साथ किसानों और मजदूरों की कर्जमाफी, पिछले किसान आंदोलनों से जुड़े मामलों को वापस लेने और आंदोलन के दौरान हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग भी शामिल है। मोर्चे की ओर से भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, बिजली और बीज से जुड़े प्रस्तावित कानूनों, लैंड पूलिंग नीति और कृषि जमीन से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है।

ये भी पढ़ें: 5 बच्चों की मां से शादी की जिद पर अड़ा 20 साल का दामाद! बोला- सास के साथ रहूंगा, पत्नी को रहना है तो रहे

शंभू-खनौरी आंदोलन के नुकसान का मुआवजा

किसान संगठनों की मांगों में शंभू-खनौरी आंदोलन के दौरान हुए नुकसान का मुआवजा भी शामिल है। संगठन के मुताबिक, उस दौरान करीब 3.77 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और कई किसान घायल हुए। इसके अलावा मूंग, मक्का और आलू समेत पांच फसलों पर MSP की कानूनी गारंटी की मांग भी आंदोलन का हिस्सा है।

सुनाम में भी रेलवे ट्रैक पर धरना

सुनाम में भी किसानों ने आंदोलन तेज करते हुए जाखल-लुधियाना रेलवे ट्रैक पर धरना दिया। इससे पहले किसान यहां एक मंत्री के आवास के बाहर लगातार तीन दिन तक प्रदर्शन कर रहे थे। मांगों पर ठोस पहल नहीं होने के बाद आंदोलन को रेलवे ट्रैक तक ले जाया गया। संबंधित इलाकों में पुलिस और रेलवे प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

ये भी पढ़ें: जन्मदिन पर PM मोदी को खास तोहफा, वडनगर-वाराणसी में दिखा अनोखा नजारा, सड़कों पर उतरे सैकड़ों बाइकर्स

आगे भी जारी रह सकता है आंदोलन

किसान संगठनों ने साफ किया है कि मांगों पर समाधान होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। KMM की ओर से 18 सितंबर को बैठक कर सरकार के रुख और आगे की रणनीति पर चर्चा किए जाने की जानकारी दी गई है। फिलहाल पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में रेलवे ट्रैक पर किसानों के धरने के चलते प्रशासन और रेलवे की नजर स्थिति पर बनी हुई है।

Dolly Wasvani
By Dolly Wasvani

डोली वासवानी | People’s Institute of Media Studies से BAMC Student। पत्रकारिता की दुनिया में नई शुरु...Read More

Latest Posts