नई दिल्ली। अधिकांश एशियाई शेयर बाजारों में बुधवार के दिन गिरावट दर्ज की गई। यह रुझान अमेरिकी बाजारों की रात भर की कमजोरी के बाद देखने को मिला है, जहां निवेशक अमेरिका की टैरिफ नीति और उससे जुड़ी अनिश्चितताओं से जूझ रहे हैं। अमेरिकी अपील अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ के खिलाफ फैसला सुनाया है, जिससे अमेरिका और अन्य बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच हाल में हुए व्यापार समझौते कठिनाई में फंस सकते हैं। हालांकि, एसएंडपी-500 फ्यूचर्स एशियाई कारोबार में 0.1% बढ़ा, जिसका कारण गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट के खिलाफ आए एंटीट्रस्ट फैसले में अपेक्षा से नरम सजा रही। इस सकारात्मक संकेत का एशियाई बाजारों पर खास असर नहीं हुआ, क्योंकि अगस्त महीने में आई जबरदस्त तेजी के बाद निवेशक मुनाफावसूली करते दिखाई दिए। खासकर चीनी शेयर बाजारों में यह रुझान ज्यादा साफ दिखाई दिया।
ये भी पढ़ें: कमजोरी में हो सकती है आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत, गिफ्ट निफ्टी व वैश्विक बाजारों से मिले संकेत
ऑस्ट्रेलिया का एएसएक्स 200 इंडेक्स एशिया का सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला बाजार रहा, जो 1% गिर गया। इसके पीछे कारण ऑस्ट्रेलिया के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के ताजा आंकड़े रहे, जिनमें दूसरी तिमाही में उम्मीद से बेहतर वृद्धि दिखाई दी। मजबूत घरेलू मांग और स्थिर सरकारी खर्च ने अर्थव्यवस्था को सहारा दिया। लेकिन, अर्थव्यवस्था की यह मजबूती ऑस्ट्रेलिया के केंद्रीय बैंक (आरबीए) द्वारा ब्याज दरों में और कटौती की उम्मीदों को कमजोर करती है। विश्लेषकों का कहना है कि जब घरेलू मांग पहले से ही मजबूत हो, तो केंद्रीय बैंक आक्रामक रूप से नीति दरों में ढील देने से बच सकता है।
इसके अलावा श्रम बाजार की तंगी और चिपकी हुई महंगाई की समस्या को देखते हुए आरबीए पहले ही सावधानी बरत रहा है। इस साल अब तक उसने तीन बार दरें घटाई हैं, लेकिन आगे कटौती पर अनिश्चितता बनी हुई है। इसी के साथ ऑस्ट्रेलियाई पीएमआई आंकड़े भी मजबूत निकले, जिनमें विनिर्माण और सेवाओं दोनों क्षेत्रों में अच्छी वृद्धि दिखाई दी। चीन के शेयर बाजार भी दबाव में रहे। शंघाई शेनझेन सीएसआई 300 इंडेक्स और शंघाई कंपोजिट इंडेक्स क्रमशः 0.7% और 1% गिरे, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.2% नीचे रहा। अगस्त महीने में जबरदस्त रैली के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे बाजार कमजोर हुए।
ये भी पढ़ें: अमेरिका में आयातित दवाओं पर 200 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगा सकता है ट्रंप प्रशासन
अगस्त में सीएसआई 300 और शंघाई कंपोजिट क्रमशः 10.3% और 8% चढ़े थे, लेकिन अब निवेशक मुनाफा निकाल रहे हैं। बुधवार को जारी निजी पीएमआई डेटा ने चीन के सेवा क्षेत्र में उम्मीद से ज्यादा तेजी दिखाई, जो सकारात्मक संकेत है। इससे पहले आए विनिर्माण पीएमआई भी अच्छे रहे थे। इससे यह संकेत मिला कि चीनी अर्थव्यवस्था में लचीलापन बना हुआ है। फिर भी, निवेशकों की बिकवाली के दबाव को ये आंकड़े रोक नहीं पाए। अब उम्मीद जताई जा रही है कि बीजिंग सरकार आर्थिक विकास को सहारा देने के लिए और प्रोत्साहन कदम उठा सकती है। तकनीकी और चिप सेक्टर की कंपनियां, जो अगस्त की तेजी के प्रमुख कारक थीं, बुधवार को गिर गईं। एआई चिप बनाने वाली कंपनी कैम्ब्रिकॉन टेक्नोलॉजीज का शेयर 4.1% गिरा।
व्यापक एशियाई बाजारों में भी कमजोर से स्थिर कारोबार दिखा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स अपवाद रहा, जो 0.3% बढ़ गया। इसकी वजह वहां की दूसरी तिमाही की जीडीपी उम्मीद से ज्यादा मजबूत रहना रही। हालांकि, कोस्पी में भी आगे की तेजी को तकनीकी शेयरों की कमजोरी ने सीमित कर दिया। कुल मिलाकर, एशियाई बाजारों में बुधवार को गिरावट का रुख दिखा, जिसमें अमेरिका से मिले नकारात्मक संकेत, ऑस्ट्रेलिया की दरों से जुड़ी उम्मीदों पर असर डालते मजबूत आंकड़े और चीन में मुनाफावसूली मुख्य कारक रहे। सकारात्मक आर्थिक संकेत मौजूद होने के बावजूद निवेशकों की सतर्कता और वैश्विक अनिश्चितता ने बाजारों को दबाव में रखा।