लंदन। दुनिया की सबसे बड़ी क्लाउड कंप्यूटिंग कंपनियों में से एक अमेजन वेब सर्विसेज (एडब्ल्यूएस) सोमवार को एक बड़ी तकनीकी गड़बड़ी का शिकार हो गई, जिससे हजारों वेबसाइट्स, मोबाइल एप्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स घंटों तक ठप रहे। ब्रिटिश समयानुसार सुबह 8 बजे (बीएसटी) से ही उपयोगकर्ताओं ने एप्स और वेबसाइट्स के काम न करने की शिकायतें करना शुरू कर दिया था। शुरुआत में यह एक सीमित समस्या लग रही थी, लेकिन एक घंटे के भीतर यह एक वैश्विक व्यवधान में बदल गई, जिसने इंटरनेट के बुनियादी ढांचे को प्रभावित कर दिया। अमेजन ने बाद में बताया कि यह गड़बड़ी डीएनएस रिजोल्यूशन से जुड़ी थी। आसान भाषा में डीएनएस वह प्रणाली है जो किसी वेबसाइट के नाम को कंप्यूटर के लिए समझने योग्य डिजिटल पते (आईपी एड्रेस) में बदलती है।
जब यह प्रणाली काम करना बंद कर देती है, तो कंप्यूटर यह नहीं पहचान पाता कि वेबसाइट या एप्लिकेशन कहां स्थित है और नतीजतन, उपयोगकर्ता उसे एक्सेस नहीं कर पाते। इस गड़बड़ी का प्रभाव इसलिए भी व्यापक रहा क्योंकि दुनिया भर की हजारों कंपनियां अपनी वेबसाइट, डेटा स्टोरेज, ऐप होस्टिंग और ऑनलाइन सेवाओं के लिए एडब्ल्यूएस पर निर्भर हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की स्थिति पर नजर रखने वाले डाउनडिटेक्टर ने बताया कि उसे 1,000 से अधिक कंपनियों से तकनीकी समस्याओं की रिपोर्ट मिली है। कुछ घंटों के भीतर यह संख्या लाखों में पहुंच गई। वैश्विक स्तर पर 6.5 मिलियन से ज्यादा रिपोर्टें दर्ज की गईं, जिनमें बैंकिंग, ई-कॉमर्स, स्ट्रीमिंग, और सोशल मीडिया सेवाएं शामिल रहीं।
अमेजन ने दोपहर 12 बजे (बीएसटी) के आसपास बयान जारी कर कहा कि उसने मूल समस्या को ठीक कर लिया है, लेकिन सभी सिस्टम को पूरी तरह बहाल करने में समय लगेगा। कंपनी ने माना कई सेवाएं अब भी महत्वपूर्ण त्रुटियों का सामना कर रही हैं। आठ घंटे से अधिक समय तक व्यवधान के बाद भी कुछ अमेरिकी उपयोगकर्ताओं ने बताया कि वे अमेज़न सेवाओं से जुड़ी वेबसाइट्स और एप्स को सही से एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, प्रभावित होने वाली कंपनियों में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स, न्यूज वेबसाइट्स, ऑनलाइन गेमिंग सर्वर, वित्तीय संस्थान और मोबाइल ऐप्स शामिल थे। अमेरिका में तो हजारों उपयोगकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर शिकायत की कि वे क्लाउड पर आधारित अपने कामकाजी एप्लिकेशन नहीं चला पा रहे हैं।
तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि यह घटना दिखाती है कि दुनिया भर का डिजिटल बुनियादी ढांचा अब अधिक केंद्रीकृत हो गया है। अधिकांश बड़ी कंपनियां अमेजन, गूगल या माइक्रोसॉफ्ट जैसी कुछ क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों पर निर्भर हैं। ऐसे में किसी एक प्रदाता के सिस्टम में आई बड़ी गड़बड़ी का असर दुनिया भर की सेवाओं पर एक साथ पड़ता है। अमेजन ने कहा है कि उसके इंजीनियरिंग दल लगातार निगरानी कर रहे हैं और शेष सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं। इस घटना ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि डिजिटल युग में विश्वसनीयता और विकेंद्रीकरण अब सिर्फ तकनीकी नहीं, बल्कि आर्थिक और रणनीतिक प्राथमिकता बन चुके हैं।