भोपाल। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर आयोजित कार्यशाला में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि मध्यप्रदेश ने संस्कृति धर्म और ज्ञान परंपरा की निरंतरता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रधान ने प्रदेश के स्कूलों में न्यू ऐज स्किल जैसे क्वान्टम कम्प्यूटिंग (Quantum Computing) और एआई (AI) के विस्तार की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि मैकाले द्वारा स्थापित शिक्षा व्यवस्था में भारतीयता को स्थापित करना राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य है।
केंद्रीय मंत्री प्रधान ने बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के अभियान में समाज को जोड़ने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि आयोजनों में महंगे पुष्प-गुच्छ से स्वागत की परंपरा के स्थान पर फलों की टोकरी देकर स्वागत करने का नवाचार अपनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि रोजगारपरक और नवाचार उन्मुख शिक्षा को जनांदोलन का रूप देना होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश, देश में अग्रणी है। प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को केवल शैक्षणिक सुधार न मानकर राज्य के कौशल, नवाचार और सांस्कृतिक पुनर्जागरण से जोड़ा है।
डॉ. यादव ने कहा कि इसी क्रम में राज्य शासन ने प्रत्येक जिले में प्रधानमंत्री एक्सीलेंस कॉलेज का संचालन आरंभ किया है। प्रदेश में उच्च शिक्षा संस्थान प्रदेश के महापुरुषों के नाम पर स्थापित किए जा रहें हैं। यह राज्य सरकार के लिए गर्व का विषय है कि प्रदेश के इंदौर और रतलाम के सांदीपनि विद्यालयों को वैश्विक स्तर पर सराहा गया है। शालाओं में शिक्षा की गुणवत्ता और बेहतर परिणाम के लिए विभिन्न नवाचारों से प्रदेश में शिक्षा का बेहतर वातावरण निर्मित हुआ है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में सभी विधाओं के अध्ययन की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समेकित विश्वविद्यालय की अवधारणा का विस्तार किया जा रहा है।