शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान बोले- मप्र के स्कूलों में Quantum Computing और AI जैसे न्यूज ऐज स्किल्स सिखाएं

राजधानी भोपाल में रविवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति : क्रियान्वयन, चुनौतियां एवं संभावनाएं विषय पर कार्यशाला में आयोजित की गई। कार्यशाला में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नई शिक्षा नीति के बारे में बताया।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान बोले- मप्र के स्कूलों में Quantum Computing और AI जैसे न्यूज ऐज स्किल्स सिखाएं
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर आयोजित कार्यशाला में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि मध्यप्रदेश ने संस्कृति धर्म और ज्ञान परंपरा की निरंतरता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रधान ने प्रदेश के स्कूलों में न्यू ऐज स्किल जैसे क्वान्टम कम्प्यूटिंग (Quantum Computing) और एआई (AI) के विस्तार की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि मैकाले द्वारा स्थापित शिक्षा व्यवस्था में भारतीयता को स्थापित करना राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य है। 

    स्कूलों में फलों की टोकरी से हो स्वागत

    केंद्रीय मंत्री प्रधान ने बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के अभियान में समाज को जोड़ने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि आयोजनों में महंगे पुष्प-गुच्छ से स्वागत की परंपरा के स्थान पर फलों की टोकरी देकर स्वागत करने का नवाचार अपनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि रोजगारपरक और नवाचार उन्मुख शिक्षा को जनांदोलन का रूप देना होगा।

    मध्यप्रदेश देश में अग्रणी- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश, देश में अग्रणी है। प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को केवल शैक्षणिक सुधार न मानकर राज्य के कौशल, नवाचार और सांस्कृतिक पुनर्जागरण से जोड़ा है। डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने युवाओं के लिए अपनी क्षमताओं को निखारने और उन्हें विस्तार देने के व्यापक आयाम दिए हैं। राज्य शासन द्वारा प्रदेश में 370 सांदीपनि स्कूल स्थापित किए गए हैं। सांदीपनि विद्यालय 21वीं सदी के कौशल, नई शिक्षा नीति और शिक्षा में नवाचार का मार्गदर्शन कर रहे हैं। यहां विद्यार्थियों के लिए गुरुकुल की गरिमा और डिजिटल युग की दक्षता उपलब्ध है।

    हर जिले में पीएम एक्सीलेंस कॉलेज

    डॉ. यादव ने कहा कि इसी क्रम में राज्य शासन ने प्रत्येक जिले में प्रधानमंत्री एक्सीलेंस कॉलेज का संचालन आरंभ किया है। प्रदेश में उच्च शिक्षा संस्थान प्रदेश के महापुरुषों के नाम पर स्थापित किए जा रहें हैं। यह राज्य सरकार के लिए गर्व का विषय है कि प्रदेश के इंदौर और रतलाम के सांदीपनि विद्यालयों को वैश्विक स्तर पर सराहा गया है। शालाओं में शिक्षा की गुणवत्ता और बेहतर परिणाम के लिए विभिन्न नवाचारों से प्रदेश में शिक्षा का बेहतर वातावरण निर्मित हुआ है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में सभी विधाओं के अध्ययन की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समेकित विश्वविद्यालय की अवधारणा का विस्तार किया जा रहा है। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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