Naresh Bhagoria
27 Jan 2026
लखनऊ। रामपुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान की तबीयत अचानक बिगड़ने की सूचना से प्रशासन में हलचल मच गई। जानकारी मिलते ही जिला अस्पताल की ओर से तीन विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम तुरंत जेल के लिए रवाना की गई। टीम में एक सर्जन, एक फिजिशियन और एक नेत्र रोग विशेषज्ञ शामिल थे। हालांकि जेल पहुंचने पर स्थिति अप्रत्याशित हो गई, क्योंकि आजम खान ने मेडिकल जांच करवाने से साफ इनकार कर दिया।
जेल प्रशासन ने जिला अस्पताल प्रबंधन को आधिकारिक पत्र भेजकर बताया था कि आजम खान की तबीयत चिंताजनक है और तत्काल चिकित्सीय जांच की आवश्यकता है। इसी पत्र के आधार पर जिला अस्पताल प्रशासन ने विशेषज्ञ टीम का गठन किया और उन्हें निर्देश दिए कि वे जेल में बंद सपा नेता की मेडिकल हालत का मूल्यांकन करें। लेकिन डॉक्टरों के जेल पहुंचते ही आजम खान ने किसी भी प्रकार की जांच न कराने का निर्णय लिया। उनके इस निर्णय के बाद डॉक्टरों की टीम बिना परीक्षण किए वापस लौट गई।
जिला अस्पताल प्रबंधन के अनुसार डॉक्टरों की टीम जेल प्रशासन के अनुरोध पर भेजी गई थी, लेकिन आजम खान ने डॉक्टरों को जांच करने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि टीम पूरी तरह तैयार थी, लेकिन मरीज की सहमति न होने के कारण वे बिना इलाज के लौट आए। इस घटना के बाद जेल प्रशासन और जिला अस्पताल दोनों ही स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि फिलहाल प्रशासन का कहना है कि वे उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं और जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि जेल में बंद आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम फर्जी पैन कार्ड मामले में सात साल की सजा काट रहे हैं। दोनों को कुछ ही समय पहले कोर्ट द्वारा यह सजा सुनाई गई थी। अब्दुल्ला के वकील ने कुछ दिन पहले बताया था कि आजम खान की तबीयत लंबे समय से खराब चल रही है, जिसके कारण वे मुलाकात के दौरान उनसे नहीं मिल पाए थे।