Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

नाम की सियासत :सागर के देवरी का नाम ‘देवपुरी’ करने को लेकर सत्ता और विपक्ष एकसाथ

सागर जिले में देवरी नगर का नाम बदलने को लेकर केंद्र सरकार की एनओसी का इंतजार किया जा रहा  है। स्थानीय विधायक ने विधानसभा सत्र में विधानसभा में देवपुरी और सेमरिया पंचायत का मुद्दा उठाया था।
Follow on Google News
सागर के देवरी का नाम ‘देवपुरी’ करने को लेकर सत्ता और विपक्ष एकसाथ
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    राजीव सोनी,भोपाल

    बुंदेलखंड में ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व के नगर देवरी (सागर) का नामकरण पुन: उसके प्राचीन नाम  ‘देवपुरी’ घोषित करने और रीवा जिले के सेमरिया में नवीन जनपद पंचायत खोलने को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भी इन दोनों मुद्दों पर चर्चा हुई।  ‘देवपुरी’ को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन और क्षेत्रीय विधायक बृज बिहारी पटेरिया को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार को रिमाइंडर भेजेंगे। नामकरण को लेकर देवरी में सत्तापक्ष और विपक्षी नेता एकमत हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भी  ''देवपुरी '' प्रस्ताव की तारीफ करते हुए रेलवे से जोड़ने का संकल्प याद दिलाया है।

    इसलिए देवरी की पहचान

    प्रदेश में होशंगाबाद (नर्मदापुरम ), नसरुल्लागंज (भेरूंदा) के अलावा उज्जैन, शाजापुर और भोपाल जिले के कई गांवों के नाम बदलने के बाद अब सागर जिले के देवरी (देवपुरी) का प्रस्ताव सुर्खियों में है। मप्र की सबसे प्राचीन नगर पालिका परिषद के अलावा देवरी की पहचान 400 साल पुराने देवश्री खंडेराव मंदिर के कारण देश भर में फैली है।  मराठा शासन काल में नगर की पहचान देवपुरी के नाम से ही थी। सागर जिले के गजेटियर के अनुसार प्रसिद्ध खंडेराव मंदिर के कारण ही इसे देवपुरी नाम दिया गया। इसलिए लंबे समय से नाम बदलने की मांग उठाई जा रही है। विधानसभा के शीतकालीन सत्र में इस मुद्दे पर शासन ने पुन: केंद्रीय गृह मंत्रालय को रिमाइंडर भेज कर नामकरण प्रस्ताव को अनुमोदित कराने का आश्वासन दिया है।

    मराठी भाषी परिवारों के कुल देवता

    भगवान शिव के अवतार खंडेराव (खंडोबा) की पूजा माता पार्वती के साथ घोड़े पर सवार स्वरूप में होती है। चंपा षष्ठी पर हजारों लोग अग्निकुंड से निकलते हैं। खंडेराव की पूजा देश में लाखों मराठी भाषी परिवारों में कुलदेवता के रूप में होती है।

    अब केंद्र की अनापत्ति का इंतजार

    • 14 फरवरी 2025 को नगर पालिका का प्रस्ताव।
    • 28 जुलाई 2025 को कलेक्टर ने भेजा पत्र।
    • 4 अगस्त 2025 को राजस्व विभाग ने केंद्र को लिखा पत्र।
    • 5 दिसंबर 2025 को विधानसभा में अशासकीय संकल्प

    विधानसभा में संकल्प पेश किया

    इस बारे में स्थानीय विधायक बृजबिहारी पटेरिया का कहना है कि देवरी का नाम  ‘देवपुरी’ करने को लेकर मैंने विधानसभा में अशासकीय संकल्प पेश किया था। सीएम डॉ. मोहन यादव ने केंद्र सरकार से मंजूरी लेने का आश्वासन दिया है। यहां खंडेराव मंदिर के दर्शन-पूजन के लिए देश भर के लोग आते हैं। देवरी को रेलवे लाइन से जोड़ने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। वहीं पूर्व मंत्री हर्ष सिंह ने कहा कि देवरी का नाम देवपुरी किए जाने की पुरानी मांग है। सरकार के इस निर्णय का सभी लोग स्वागत करेंगे। इसके साथ ही रेलवे लाइन और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की भी जरूरत बनी हुई है।          

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

    Latest Posts