संवेदनशील पुलिसिंग:मां की आंखों में लौटे खुशी के आंसू..परिवार बोला- पुलिस ने हमारी दुनिया वापस लौटा दी

इंदौर। एक मां की आंखों में डर, परिवार की बेचैनी और मासूम की सलामती की दुआ... इन सबके बीच विजय नगर पुलिस ने सिर्फ दो घंटे में ऐसा काम कर दिखाया, जिसने संवेदनशील पुलिसिंग की नई मिसाल कायम कर दी। सात वर्षीय बालिका के गुम होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने एक पल भी गंवाए बिना पूरे क्षेत्र को तलाश अभियान में बदल दिया और आखिरकार मासूम को सकुशल उसके परिजनों से मिला दिया। बच्ची के सुरक्षित मिलते ही परिवार की आंखों से राहत के आंसू छलक पड़े और पूरे घर में फिर से खुशियां लौट आईं।
अपहरण की आशंका से मचा हड़कंप
थाना विजय नगर क्षेत्र में सात वर्षीय बालिका के अचानक लापता होने की सूचना मिलते ही परिजनों ने अपहरण की आशंका जताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर बिना किसी देरी के खोजबीन शुरू कर दी।
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8 टीमें, एक लक्ष्य... मासूम को सुरक्षित घर पहुंचाना
सहायक पुलिस आयुक्त पराग सैनी और थाना प्रभारी चंद्रकांत पटेल के निर्देशन में आठ अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया। टीमों ने संभावित स्थानों, गलियों, पार्कों, सार्वजनिक स्थलों और सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच की। हर पुलिसकर्मी का सिर्फ एक ही लक्ष्य था—मासूम को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाना।
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दो घंटे की मेहनत रंग लाई
लगातार करीब दो घंटे तक चले सघन सर्च अभियान के बाद पुलिस को सफलता मिली। बालिका अपने घर से लगभग 700 से 800 मीटर दूर अपनी नानी के घर की छत पर बने कमरे में सुरक्षित सोती हुई मिली। पुलिस ने बिना देर किए बच्ची को सकुशल परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
खुशी के आंसुओं ने बयां की राहत
जैसे ही मासूम अपने परिवार के बीच पहुंची, परिजनों की आंखों में राहत और खुशी के आंसू छलक पड़े। कुछ देर पहले तक चिंता में डूबा परिवार पुलिस टीम का धन्यवाद करते नहीं थक रहा था। स्थानीय लोगों ने भी विजय नगर पुलिस की तेज, संवेदनशील और मानवीय कार्यशैली की खुले दिल से सराहना की।
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संवेदनशील पुलिसिंग की नई मिसाल
इस पूरे अभियान ने यह साबित कर दिया कि समय पर की गई कार्रवाई और टीमवर्क से बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना किया जा सकता है। विजय नगर पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने न केवल एक मासूम को सुरक्षित परिवार तक पहुंचाया, बल्कि लोगों के मन में पुलिस के प्रति भरोसा भी और मजबूत किया।
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पुलिस का संदेश, हर माता-पिता के लिए जरूरी
थाना प्रभारी चंद्रकांत पटेल ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि कोई बच्चा गुम हो जाए तो घबराने या खुद तलाश में समय गंवाने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना दें। शुरुआती कुछ घंटे सबसे महत्वपूर्ण होते हैं और समय पर दी गई जानकारी किसी परिवार की खुशियां वापस लौटा सकती है।












