सागर शराब कांड पर CM मोहन यादव सख्त, बोले- किसी को नहीं बख्शा जाएगा! गांव-गांव स्क्रीनिंग, 7 दुकानें सील, अब पूरे नेटवर्क की तलाश...

सागर। बंडा-शाहगढ़ इलाके में शराब सेवन के बाद हुई मौतों के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने जांच और निगरानी का दायरा बढ़ा दिया है। प्रशासन की टीमें अब प्रभावित गांवों में जाकर लोगों की सेहत की जानकारी जुटा रही हैं। खासतौर पर उन लोगों की जांच की जा रही है, जिन्होंने हाल में शराब पी थी। दूसरी ओर पुलिस संदिग्ध शराब की सप्लाई और बिक्री से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। सात शराब दुकानों को सील कर वहां से सैंपल लेने के निर्देश दिए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर हालात और इलाज की व्यवस्था पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
मौतों के बाद गांवों में पहुंचीं स्वास्थ्य टीमें
सागर के प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य विभाग ने घर-घर जांच शुरू कर दी है। नौराज और गूगरा खुर्द समेत आसपास के गांवों में टीमों को भेजकर शराब पीने वाले लोगों की जानकारी ली जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि अगर किसी व्यक्ति में बीमारी के शुरुआती संकेत दिखाई दें तो उसे समय पर इलाज मिल सके।
तबीयत बिगड़े तो तुरंत अस्पताल जाएं
प्रशासन ने ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील की है। शराब पीने के बाद उल्टी, सिरदर्द, बुखार या अचानक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाने को कहा गया है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की परेशानी को हल्के में नहीं लेना चाहिए। समय पर जांच और इलाज से गंभीर स्थिति से बचने में मदद मिल सकती है।
ये भी पढ़ें: हरदा में 8 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ आरोपी गिरफ्तार, बाइक और मोबाइल जब्त
सात शराब दुकानें सील, सैंपलिंग शुरू
मामले की जांच अब शराब के संभावित स्रोत तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर क्षेत्र की सात शराब दुकानों को सील करने के निर्देश दिए हैं। इन दुकानों से शराब के नमूने लिए जाएंगे। जांच रिपोर्ट के जरिए यह पता लगाने की कोशिश होगी कि संबंधित शराब और मौतों के बीच कोई संबंध है या नहीं।
पुलिस खंगाल रही शराब की पूरी सप्लाई चेन
जांच में अब सिर्फ शराब बेचने वाले लोगों पर नजर नहीं है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि संदिग्ध शराब कहां से आई और प्रभावित इलाकों तक कैसे पहुंची। इसके अलावा सप्लाई करने वाले लोगों और अवैध कारोबार से जुड़े दूसरे लोगों की भूमिका भी जांची जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य पूरे नेटवर्क की कड़ी सामने लाना है।
बड़े अफसरों ने संभाली कमान
घटना के बाद सागर संभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रभावित गांवों का दौरा किया। कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और एसपी ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और अस्पतालों में चल रहे इलाज की जानकारी ली। अधिकारियों ने स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
CM मोहन यादव ने दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले को गंभीर बताते हुए प्रभारी मंत्री और अधिकारियों से तत्काल जांच कराने को कहा है। उन्होंने साफ किया है कि जांच में जो भी व्यक्ति जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को समय पर मदद देना और घटना के पीछे की पूरी वजह पता करना है।
डिप्टी CM जगदीश देवड़ा कर रहे निगरानी
डिप्टी मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा भी मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक और संबंधित अधिकारियों से घटना की जानकारी ली है। अधिकारियों से जांच की प्रगति और प्रभावित लोगों के इलाज की स्थिति के बारे में अपडेट लिया जा रहा है।
ये भी पढ़ें: PU Special : हनुमान अंश देखकर बाबा के परिजन और सहयोगी हुए भावुक, बेटी बोलीं-फिल्मी पर्दे पर साकार हो उठे पिताजी
अब दो मोर्चों पर आगे बढ़ेगी जांच
सागर शराब कांड में प्रशासन एक तरफ संभावित मरीजों की पहचान कर उनकी जांच कर रहा है, तो दूसरी ओर संदिग्ध शराब के स्रोत की तलाश की जा रही है। सात दुकानों से लिए जाने वाले सैंपल और पुलिस की जांच आगे की कार्रवाई में अहम हो सकती है। सरकार का कहना है कि दोषियों तक पहुंचकर उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

















